लवप्रीत सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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CWG 2026: लवप्रीत सिंह ने रचा इतिहास, गेम्स रिकॉर्ड के साथ भारत की झोली में आया रजत पदक; 1 किलो से चूके गोल्ड

Lovepreet Singh Silver: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक जीता। वो महज 1 किलो के अंतर से स्वर्ण पदक हासिल करने से चूक गए।

सृष्टि मौर्य

Lovepreet Singh Wins Silver Medal In Weightlifting: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के +110 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। 28 वर्षीय भारतीय वेटलिफ्टर ने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया और आखिर तक स्वर्ण पदक के लिए जोरदार मुकाबला किया। हालांकि, न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम वजन उठाकर महज एक किलो के अंतर से स्वर्ण पदक जीत लिया। लवप्रीत ने इस प्रदर्शन के साथ बर्मिंघम 2022 में जीते कांस्य पदक को रजत में बदल दिया।

लवप्रीत का शामदार प्रदर्शन

लवप्रीत ने स्नैच राउंड में शानदार प्रदर्शन किया और अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। उन्होंने पहले 168 किलोग्राम, फिर 173 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 176 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। स्नैच राउंड के बाद लवप्रीत 10 किलोग्राम की बढ़त के साथ पहले स्थान पर थे। इस बीच स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार समोआ के सनेले माओ 175 किलोग्राम के तीनों स्नैच प्रयासों में असफल रहे और प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जिसका फायदा भारतीय खिलाड़ी को मिला।

क्लीन एंड जर्क राउंड में हुआ फैसला

हालांकि मुकाबले का फैसला क्लीन एंड जर्क राउंड में हुआ। लवप्रीत ने 212 किलोग्राम वजन उठाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन 217 किलोग्राम का प्रयास सफल नहीं रहा। दूसरी ओर न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने 223 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया और कुल 389 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया। लवप्रीत को एक किलो के अंतर से रजत पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने पूरे मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता का शानदार समापन किया।

क्या बोले लवप्रीत सिंह?

मुकाबले के बाद लवप्रीत सिंह ने कहा, 'जब आप गोल्ड मेडल से चूक जाते हैं, तो स्वाभाविक रूप से बहुत दुख होता है। चलो, अब आने वाले टूर्नामेंट जैसे कि एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मेरा जोश तो बढ़ ही रहा था। जिस तरह स्नैच में मेरी तीनों लिफ्ट सफल रहीं, क्लीन एंड जर्क में भी ऐसा ही होना चाहिए था। मैंने 217 किलोग्राम का जो प्रयास मिस किया, अगर वह कामयाब हो जाता तो गोल्ड हमारा होता। सच में, यहां एक-एक किलो की कीमत बहुत ज्यादा होती है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस पदक के लिए अपने मुख्य कोच श्री विजय शर्मा जी, भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ (IWLF), सहदेव सर और भारत सरकार का बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। इसके साथ ही मेरी इंडियन नेवी के कैप्टन विजय कुमार जी का भी मुझे बहुत सपोर्ट रहा है।'

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