Supreme Court Action On BCA Election Controversy: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के हालिया चुनावों में कथित गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने ओडिशा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह को बीसीए का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया है। उनकी निगरानी में अब जिला स्तर से लेकर राज्य क्रिकेट संघ तक की चुनाव प्रक्रिया नए सिरे से कराई जाएगी।
ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एल. नागेश्वर राव की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। बीसीए के चुनाव में कथित धांधली और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
याचिकाकर्ता आदित्य प्रकाश वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने मामले में पक्ष रखा। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस एल. नागेश्वर राव को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। जांच के बाद पेश की गई रिपोर्ट को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह को बीसीए का प्रशासक नियुक्त करने का निर्देश दिया।
प्रशासक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बीसीए के चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराना होगी। इसके लिए सबसे पहले नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसी सूची के आधार पर जिला क्रिकेट संघों से लेकर बीसीए के मुख्य चुनाव तक की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी प्रशासक करेंगे। उनके सामने चुनाव कार्यक्रम तैयार करने और सभी संबंधित पक्षों को प्रक्रिया में शामिल करने की भी जिम्मेदारी होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस कदम को बिहार क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में अहम फैसला माना जा रहा है।
हालांकि, बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने इस मामले में अलग रुख रखा है। बीसीए की ओर से कहा गया है कि फैसले को लेकर आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी सामने आ रही है।
संघ ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश के अपलोड होने का इंतजार कर रहा है। आदेश मिलने और उसका अध्ययन करने के बाद ही BCA की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।