शाई होप और एमस धोनी  सोर्स- सोशल मीडिया
क्रिकेट

IND vs WI: शाई होप का बड़ा खुलासा, वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक जीत के पीछे था एमएस धोनी का यह गुप्त मंत्र

IND vs WI Third ODI: भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार जीत हासिल की, जिसके बाद कप्तान शाई होप ने धोनी को लेकर इस जीत का बड़ा राज खोल दिया।

राहुल उपाध्याय

Shai Hope Shares key Victory: भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की 162 रनों की नाबाद ऐतिहासिक पारी की बदौलत भारत द्वारा दिए गए 352 रनों के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। यह वेस्टइंडीज के वनडे क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रनचेज है।

धोनी ने शाई होप को दिए थे ये खास गुरुमंत्र

इस जादुई पारी के लिए शाई होप को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया। वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। मैच के बाद कप्तान शाई होप ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी और रणनीति को लेकर कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने बताया कि इस नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य को हासिल करने में भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का एक खास गुरुमंत्र उनके बहुत काम आया।

धोनी की सलाह ने बदला खेल

होप ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, महान क्रिकेटर एमएस धोनी से बहुत अच्छी बातचीत हुई थी। उन्होंने मुझसे कहा था कि क्रीज पर आपके पास हमेशा उससे कहीं अधिक समय होता है जितना आप सोचते हैं। इसलिए मैंने मैच के दौरान अंतिम परिणाम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सिर्फ प्रक्रिया पर ध्यान दिया। मैंने खेल को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ने की कोशिश की।

चोट और मुश्किलों के बीच लड़ी जंग

लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम मैच के दौरान कई चुनौतियों से जूझ रही थी। होप ने बताया कि लगभग 30 ओवरों के बाद उन्हें कमर के पास खिंचाव महसूस हुआ था, लेकिन उन्होंने अंत तक क्रीज पर टिके रहने का फैसला किया। इसके अलावा टीम के पास बल्लेबाजों की कमी थी, जिसके कारण चुनौती और बड़ी हो गई थी।

मैथमेटिकल कैलकुलेशन से जीती बाजी

होप ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए भारतीय टीम की कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि, "मुझे पता था कि भारतीय टीम ओवर-रेट में पीछे चल रही थी। इसका मतलब था कि उन्हें आखिरी ओवर्स में सर्कल के अंदर एक अतिरिक्त फील्डर रखना होगा। 30 गज के दायरे में पांच फील्डर्स के साथ किसी भी स्कोर का बचाव करना बेहद मुश्किल होता है। बल्लेबाजी के दौरान मैंने इन सभी चीजों का गणित लगाया और अंत में सब कुछ हमारे पक्ष में रहा।"

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