Prabath Jayasuriya LBW Dismissal Drama: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन का अंत काफी ड्रामे से भरा रहा। खराब रोशनी को लेकर श्रीलंकाई खिलाड़ियों और अंपायरों के बीच बहस हुई। इसी बीच टीम ने सिर्फ 3 ओवर में 8 रन के अंदर अपने 2 विकेट गंवा दिए।
सबसे ज्यादा चर्चा श्रीलंका के नाइटवॉचमैन प्रभात जयसूर्या की रही। एलबीडब्ल्यू आउट होने के बाद वो अंपायर के फैसले से काफी नाराज नजर आए। मैदान से बाहर जाते समय उन्होंने गुस्से में बल्ले से बाउंड्री कुशन पर प्रहार किया। ड्रेसिंग रूम में पहुंचने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने अपने ग्लव्स भी फेंक दिए।
श्रीलंका ने लाहिरु उदारा का विकेट गंवाने के बाद किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज की जगह प्रभात जयसूर्या को नाइटवॉचमैन के तौर पर भेजा था। उनका मकसद दिन का खेल खत्म होने तक विकेट बचाना था।
हालांकि, मानव सुथार की शानदार गेंद पर जयसूर्या एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। उन्होंने तुरंत DRS लिया, लेकिन रिव्यू में भी फैसला उनके खिलाफ ही रहा। जयसूर्या ने 7 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाए और पवेलियन लौट गए। फैसला आने के बाद वो काफी निराश दिखे। उन्होंने मैदान से बाहर जाते हुए बल्ले से बाउंड्री कुशन पर प्रहार किया और बाद में ड्रेसिंग रूम में ग्लव्स फेंक दिए।
दरअसल, श्रीलंकाई टीम पहले से ही खराब रोशनी को लेकर अंपायरों के फैसले से खुश नहीं थी। खिलाड़ियों का मानना था कि रोशनी बल्लेबाजी के लिए पर्याप्त नहीं है और मैच रोक देना चाहिए। लेकिन अंपायरों ने खेल जारी रखने का फैसला किया।
इसके बाद श्रीलंका ने लगातार दो विकेट गंवा दिए। दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने सिर्फ 3 ओवर खेले थे और उसके 2 विकेट गिर चुके थे। अब श्रीलंका तीसरे दिन 495 रन पीछे से अपनी पारी आगे बढ़ाएगा। भारत ने पहली पारी 9 विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी। भारत की ओर से ध्रुव जुरेल ने नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेली।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने खराब रोशनी को लेकर अंपायरों से बहस करने वाले श्रीलंकाई खिलाड़ियों की आलोचना की। उनका मानना है कि अंपायर के फैसले को लेकर पैदा हुआ गुस्सा श्रीलंकाई बल्लेबाजों की एकाग्रता पर भारी पड़ा और टीम ने जल्दी-जल्दी दो विकेट गंवा दिए। इस तरह दूसरे दिन का खेल श्रीलंका के लिए खराब रोशनी, अंपायर के फैसले और जयसूर्या के गुस्से के कारण काफी चर्चा में रहा।