

Dhruv Jurel Creates Record As 1st Indian Wicketkeeper : भारत के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में शानदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया। जुरेल ने 177 गेंदों में नाबाद 115 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। ये जुरेल के टेस्ट करियर का दूसरा शतक है।
जुरेल का ये शतक कई मायनों में खास रहा। वो श्रीलंकाई जमीन पर टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2010 में श्रीलंका में 76 रन की पारी खेली थी, लेकिन वो शतक पूरा नहीं कर पाए थे।
ध्रुव जुरेल ने इस मुकाबले में भारत के लिए सातवें नंबर पर बल्लेबाजी की। इस स्थान पर उतरकर विदेशी जमीन पर शतक लगाना भी बड़ी उपलब्धि है। जुरेल विदेशी धरती पर नंबर-7 पर शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं।
इससे पहले कपिल देव और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी इस नंबर पर विदेश में शतक लगा चुके हैं। जडेजा ने भी 2022 में नंबर-7 पर बल्लेबाजी करते हुए विदेशी जमीन पर शतक लगाया था।
जुरेल उस समय बल्लेबाजी करने आए जब भारत की पारी को संभालने की जरूरत थी। रवींद्र जडेजा और सारांश जैन के जल्दी आउट होने के बाद टीम पर दबाव बढ़ गया था। हालांकि, जुरेल ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और पारी को आगे बढ़ाया।
उन्होंने ऋषभ पंत के साथ मिलकर शानदार साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को काफी परेशान किया और भारत के स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जुरेल ने 97 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। पंत के आउट होने के बाद भी जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने मैनव सुथार के साथ भी 39 रन की अहम साझेदारी की और भारत को 500 रन के करीब पहुंचाया।
जुरेल ने असिता फर्नांडो की गेंद पर एक रन लेकर 171 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। हालांकि, शतक पूरा करने वाला यह रन उनके लिए थोड़ा डरावना भी रहा। रन लेने के दौरान जुरेल रन आउट होने से बाल-बाल बच गए।
फील्डर का थ्रो सीधे विकेट पर नहीं लगा और जुरेल की किस्मत ने उनका साथ दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी पारी को और आगे बढ़ाया और अंत तक नाबाद रहे।
ध्रुव जुरेल की 115 रन की नाबाद पारी के दम पर भारत ने पहली पारी में 503/9 का स्कोर खड़ा किया। 500 रन का आंकड़ा पार करते ही कप्तान शुभमन गिल ने भारतीय पारी घोषित कर दी।
श्रीलंका की ओर से असिता फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 4 विकेट अपने नाम किए। जुरेल की इस पारी ने न सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि श्रीलंका की जमीन पर भारतीय विकेटकीपर के शतक का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार भी खत्म कर दिया।