नागपुर: भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा अपने घरेलू टीम का साथ छोड़ रहे हैं। वो विदर्भ छोड़कर नई टीम के साथ जुड़ने वाले हैं। जितेश शर्मा घरेलू क्रिकेट के आगामी सीजन में बड़ौदा के लिए खेलेंगे। एक दशक से ज्यादा समय तक जितेश शर्मा ने विदर्भ का प्रितिनिधित्व किया। 31 वर्षीय जितेश शर्मा ने 2024-25 में एक भी रणजी ट्रॉफी मैच नहीं खेला और विदर्भ के कप्तान ही विकेटकीपर के रूप में पहली पसंद रहे।
रणजी ट्रॉफी में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वो विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में प्लेइंग में शामिल रहे। रणजी ट्रॉफी में उनका मौका सीमित हो गया। ईएसपीएन क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक बड़ौदा टीम में शामिल होने की योजना काफी समय से बन रही थी। इस ट्रांसफर को आसान बनाने में बड़ौदा के कप्तान क्रुणाल पांड्या के साथ जितेश के अच्छे तालमेल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों ने इस साल की शुरुआत में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए अपना पहला आईपीएल खिताब भी साझा किया है।
यह बदलाव जितेश के लिए अपने लाल गेंद के करियर को पुनर्जीवित करने का एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। 2015-16 में विदर्भ के लिए पदार्पण करने वाले इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अब तक केवल 18 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिनमें उनका औसत 24.48 रहा है और चार अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने करीब डेढ़ साल से भी अधिक समय से लाल गेंद से क्रिकेट नहीं खेला है।
वहीं, छोटे प्रारूपों में जितेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है। 2023 में पंजाब किंग्स के साथ आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद, उन्होंने उसी साल एशियाई खेलों में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कदम रखा। अब तक उन्होंने नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। आईपीएल 2025 में आरसीबी के लिए फिनिशर की भूमिका निभाई और कप्तान रजत पाटीदार के चोटिल होने पर टीम की कप्तानी भी संभाली।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आरसीबी के साथी खिलाड़ी स्पिन गेंदबाज ऑलराउंडर स्वप्निल सिंह भी नए सत्र में अपने घरेलू करियर के लिए टीम बदल रहे हैं। उत्तराखंड के लिए खेलते हुए स्वप्निल ने 2024-25 के रणजी सत्र में पांच मैचों में 18 विकेट लिए थे। हालांकि सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका प्रदर्शन औसत रहा।