जलज सक्सेना (फोटो-सोशल मीडिया)
Jalaj Saxena joins Maharashtra: दलीप ट्रॉफी से बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट की शुरुआत हो चुकी है। दलीप ट्रॉफी के बाद ईरानी ट्रॉफी खेला जाएगा। उसके बाद रणजी ट्रॉफी 205-26 सीजन की शुरुआत होगी। उससे पहले कई खिलाड़ी अपने टीम को छोड़कर दूसरे राज्य की टीम के साथ शामिल हो गए हैं। इस कड़ी में जलज सक्सेना का भी नाम जुड़ गया है।
भारत के अनुभवी घरेलू क्रिकेटर जलज सक्सेना ने अपनी रणजी टीम केरल ने नाता तोड़ लिया है। वो अब इस सीजन से महाराष्ट्र के लिए खेलते दिखेंगे। सक्सेना यह फैसला रणजी ट्रॉफी शुरू होने से पहले लिया है। वहीं सक्सेना को शामिल करने के बाद महाराष्ट्र की टीम अब बैलेंस दिख रही है।
केरल से हुए अलग
जलज सक्सेना ने 2016 में मध्य प्रदेश से केरल का रुख किया था और तब से पिछले नौ सत्रों तक केरल की टीम के अहम स्तंभ बने रहे। उन्होंने केरल के लिए बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और टीम को कई बार जीत की राह दिखाई। उनकी निरंतरता, अनुभव और ऑलराउंड कौशल ने उन्हें घरेलू क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक बना दिया है।
महाराष्ट्र में एक नई शुरुआत
अब 38 वर्षीय सक्सेना एक नए राज्य की ओर से रणजी ट्रॉफी में अपनी पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब महाराष्ट्र क्रिकेट संघ अपनी टीम को मजबूत करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है। एक सूत्र ने पुष्टि की है कि जलज सक्सेना महाराष्ट्र से जुड़ने वाले इस सत्र के दूसरे बड़े खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारतीय सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ भी मुंबई को छोड़ महाराष्ट्र से जुड़ चुके हैं। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी महाराष्ट्र की रणजी ट्रॉफी में संभावनाओं को काफी हद तक मजबूत कर सकती है।
ऐसा रहा है जलज सक्सेना का करियर
जलज सक्सेना ने दिसंबर 2005 में मध्य प्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने अपने करीब दो दशक लंबे करियर में भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक अनोखी छाप छोड़ी है। जलज सक्सेना ने अपने लगभग दो दशक लंबे करियर में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 150 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 7,060 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 33.77 का रहा है और इस दौरान उन्होंने 14 शतक और 34 अर्धशतक जमाए हैं।
एक शानदार ऑलराउंडर के रूप में उन्होंने गेंद से भी उतनी ही प्रभावशाली भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल 484 विकेट झटके हैं, जिसमें 34 बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 109 लिस्ट ए और 73 टी20 मुकाबले भी खेले हैं, जिससे उनका अनुभव सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी खासा रहा है।