हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों में नाबाद 91 रन की पारी खेली।
भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रन से हराकर टी20 सीरीज 3-0 से जीती।
पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन से बातचीत के दौरान हरमनप्रीत भावुक हो गईं।
Harmanpreet Kaur Emotional Video: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में धमाकेदार पारी खेली। उन्होंने महज 41 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ मैच के बाद का एक इंटरव्यू भी चर्चा में आ गया, जिसमें वह अपनी बात कहते हुए भावुक हो गईं। उनकी आंखों में आंसू नजर आए और वह इंटरव्यू बीच में छोड़कर चली गईं।
हरमनप्रीत के लिए यह पारी ऐसे समय आई, जब वह भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद एक खिलाड़ी के तौर पर अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रही हैं। उन्होंने 6 अक्टूबर को तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। इसके बाद स्मृति मंधाना को टीम की कमान सौंपी गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज हरमनप्रीत के लिए अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देने का मौका बनी।
मैच के बाद हरमनप्रीत कौर पूर्व भारतीय कोच डब्ल्यूवी रमन से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि रमन ने उनसे कहा था कि अब वह वही करें, जो वह करना चाहती हैं। हरमनप्रीत ने उनकी सलाह के लिए आभार जताया और कहा कि वह अपने खेल का आनंद लेना चाहती हैं।
यह बात कहते हुए हरमनप्रीत की आवाज भर्रा गई। वह अपने आंसू पोंछती भी नजर आईं। इंटरव्यू के आखिर में उन्होंने माइक आगे की ओर फेंका और वहां से चली गईं। उनका यह भावुक पल चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, हरमनप्रीत ने भावुक होने की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई। ऐसे में उनके आंसुओं को किसी खास घटना या कप्तानी छोड़ने के फैसले से जोड़कर देखना सही नहीं होगा।
हरमनप्रीत कौर ने अपनी विस्फोटक पारी में 10 चौके और पांच छक्के लगाए। उन्होंने शेफाली वर्मा के साथ तीसरे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी की। शेफाली ने भी 37 गेंदों में 69 रन बनाए।
दोनों बल्लेबाजों की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 216 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और भारत ने मुकाबला 92 रन से जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।
हरमनप्रीत ने अपनी शानदार पारी का श्रेय बल्लेबाजी कोच हिमांशु को भी दिया। उन्होंने बताया कि नेट्स में उनकी बल्लेबाजी पर काफी मेहनत की जा रही थी। हरमनप्रीत के मुताबिक, उनके लिए मैदान पर अपने स्वाभाविक खेल का आनंद लेना अहम था।
उनकी 91 रन की पारी ने दिखाया कि कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होने के बाद भी वह अपने बल्ले से टीम के लिए बड़ा योगदान देने में सक्षम हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए सीरीज की बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा।