बढ़ते प्रदूषण के बाद दिल्ली में लागू हुआ Grap 1, किन चीजों पर रहेगी पाबंदी?

Delhi Pollution: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच GRAP-1 लागू कर दिया गया है। जानें इसके तहत किन गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी, निर्माण कार्यों के लिए क्या नियम हैं और किन बातों का रखना होगा ध्यान।
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दिल्ली में प्रदूषण(File Photo)Source- IANS
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Highlights

  • दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच GRAP-1 लागू।

  • निर्माण कार्यों, धूल और कचरा जलाने पर सख्त निगरानी।

  • प्रदूषण रोकने के लिए वाहनों और सड़कों से जुड़े नियमों का पालन जरूरी।

Delhi Pollution GRAP-1 Rules: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी। GRAP लागू होने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती बढ़ेगी। इसके तहत निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।

मंत्री सिरसा ने बताया कि 1 नवंबर से वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के बिना वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा मेट्रो पार्किंग को छोड़कर दिल्ली में पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई अन्य कदम भी उठाने जा रही है।

GRAP क्या है और इसके कितने चरण हैं?

GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने पर लागू किया जाने वाला चरणबद्ध एक्शन प्लान है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और प्रदूषण की गंभीरता के आधार पर इसके तहत अलग-अलग प्रतिबंध और उपाय लागू किए जाते हैं।

  • GRAP-1: AQI 201 से 300 तक- खराब

  • GRAP-2: AQI 301 से 400 तक- बहुत खराब

  • GRAP-3: AQI 401 से 450 तक- गंभीर

  • GRAP-4: AQI 450 से अधिक- गंभीर से अधिक

GRAP-1 लागू होने पर क्या-क्या बदलेगा?

GRAP-1 लागू होने के बाद प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएंगे। होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की दुकानों पर तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इसके स्थान पर गैस, बिजली या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा।

सामान्य बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर चलाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इन्हें केवल निर्धारित जरूरी या आपात परिस्थितियों में ही चलाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों पर जोर दिया जाएगा।

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PUC के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 1 नवंबर से वैध PUC सर्टिफिकेट के बिना वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़कों पर चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो पार्किंग सुविधाओं को छोड़कर दिल्ली में पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। सरकार और नगर निगम के कार्यालयों के कामकाज के समय में अंतर रखने की योजना है। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था पर भी काम किया जाएगा।

खुले में निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक

सिरसा के मुताबिक, खुले में निर्माण और तोड़फोड़ से होने वाले प्रदूषण पर सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि खुले में तोड़फोड़ का काम 30 नवंबर तक बंद रहेगा। खुले में कचरा और अन्य सामग्री जलाने पर भी रोक रहेगी।

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धूल को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 608 एंटी-स्मॉग गन और 1,150 मिस्ट-स्प्रे यूनिट लगाए जाने की जानकारी दी गई। निर्माण कार्यों से जुड़े प्रदूषण की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बनाया गया है। वाहनों की आवाजाही और ट्रैफिक को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का 11-पॉइंट एक्शन प्लान

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली लंबे समय से गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। उनके मुताबिक, सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के उपाय अपना रही है। इसमें जनता की भागीदारी के साथ केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार के 11-पॉइंट एक्शन प्लान में धूल कम करना, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण और प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान करना शामिल है।

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