गौतम गंभीर (फोटो-सोशल मीडिया) 
क्रिकेट

BCCI भी गंभीर के आगे है मजबूर, 2027 वर्ल्ड कप तक नहीं हिला सकता है कोई गौतम की कुर्सी

Gautam Gambhir: गौतम गंभीर का टी20 और वनडे में रिकॉर्ड शानदार है, लेकिन टेस्ट में मिली हार के बाद उनकी कोचिंग स्थिरता पर सवाल हैं; टी20 विश्व कप प्रदर्शन भविष्य तय करेगा।

उज्जवल सिन्हा

Gautam Gambhir for Team India: भारतीय टीम के लिए यह साल उतार- चढ़ाव भरा रहा है। एक ओर जहां टेस्ट टीम में इस साल कुछ खास नहीं कर सकी। वहीं वनडे और टी20 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम ने इस साल आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और एसीसी एशिया कप का खिताब भी अपने नाम किया। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में लगातार खराब प्रदर्शन के कारण गौतम गंभीर के कार्यकाल पर सवाल उठते रहे हैं। गंभीर के साथ मुख्य चयनकर्ता भी कुछ हद से इसमें घसीटे गए।

खबरों की मुताबकि, पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज हारने के बाद बीसीसीआई में शीर्ष अधिकारियों ने गौतम गंभीर का विकल्प तलाशना शुरू कर दी थी। लेकिन अब ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वर्ल्ड कप तक गौतम गंभीर अपने पद पर बने रहेंगे। अफ्रीका से हारने के बाद बीसीसीआई पदस्थ किसी अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से वीवीएस लक्ष्मण से पूछा था कि क्या वे टेस्ट टीम के कोच बनने के इच्छुक हैं। हालांकि, लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरू के उत्कृष्टता केंद्र में क्रिकेट प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका में ही संतुष्ट हैं। गंभीर का बीसीसीआई के साथ करार 2027 के वनडे विश्व कप तक है, लेकिन ऐसी संभावना है कि इसे पुनर्विचार किया जा सकता है। यह निर्णय पांच सप्ताह बाद शुरू होने वाले टी20 विश्व कप में भारत के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

भारत को 9 और टेस्ट खेलना है

बीसीसीआई के गलियारों में अभी भी यह चर्चा जारी है कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 के बाकी नौ टेस्ट मैचों के लिए गंभीर को कोच बनाए रखना उचित होगा या नहीं। भारत को अगस्त 2026 में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट और अक्टूबर 2026 में न्यूजीलैंड का दौरा करना है। इसके बाद जनवरी-फरवरी 2027 में ऑस्ट्रेलियाई टीम पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलने के लिए आएगी।

2027 वर्ल्ड कप तक कोच बने रहेंगे गंभीर

बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा कि गंभीर को बोर्ड का पूरा समर्थन हासिल है। यदि भारत टी20 विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करता है या फाइनल तक पहुंचता है, तो वह पद पर बने रहेंगे। टेस्ट प्रारूप में उनका भविष्य देखना रोचक होगा।  उन्होंने आगे कहा कि गंभीर को फायदा यह है कि टेस्ट क्रिकेट में कोचिंग के लिए विकल्प सीमित हैं, जबकि वीवीएस लक्ष्मण इस भूमिका के इच्छुक नहीं हैं।

गंभीर के कार्यकाल में खिलाड़ी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे

हालांकि, भारतीय ड्रेसिंग रूम में गंभीर के दौर में कई खिलाड़ी उतनी सहज महसूस नहीं कर रहे जितना राहुल द्रविड़ के कार्यकाल में करते थे। द्रविड़ के तीन साल के कार्यकाल में खिलाड़ियों को अपनी भूमिका साबित करने का पर्याप्त समय मिलता था।

टी20 विश्व कप टीम से शुभमन गिल को बाहर करने के फैसले में गंभीर की छाप स्पष्ट दिखाई दी। कई खिलाड़ी मानते हैं कि अगर टीम के अगले ‘पोस्टर बॉय’ को भी ऐसे फैसले का सामना करना पड़ सकता है, तो बाहर होने वाले अगले नाम किसी का भी हो सकता है। टी20 विश्व कप के बाद दो महीने IPL होंगे और बीसीसीआई के पास तीनों प्रारूपों के लिए अलग-अलग कोच रखने या एक ही कोच बनाए रखने का पर्याप्त समय होगा। हालांकि, बोर्ड ऐसा कुछ नहीं करेगी। क्योंकि गंभीर को उनका पूरा समर्थन है।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिनभर की सारी बड़ी खबरें

जंतर-मंतर पर आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, RAF ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, कई हिरासत में

RSS-ISI सीक्रेट मीटिंग! आंबेडकर ने PM मोदी और भागवत से पूछे सवाल, कोलंबो बैठक के 4 मुद्दों के खुलासे की मांग

असम बाढ़ पर CM हिमंता की वित्त मंत्री से अहम मुलाकात, निर्मला सीतारमण ने दिया केंद्र के सहयोग का भरोसा

Japan Delegation Varanasi: 109 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा काशी, निवेश और संस्कृति को मिलेगी नई उड़ान