विराट कोहली और रोहित शर्मा (फोटो- सोशल मीडिया) 
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रोहित शर्मा और विराट कोहली पर BCCI करेगा बड़ा फैसला, खत्म होगी 7 करोड़ A+ वाली कैटगरी

BCCI: बीसीसीआई 2025-26 सीजन से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में A-प्लस कैटेगरी खत्म करने की तैयारी में है। यह फैसला विराट और रोहित जैसे सीनियर खिलाड़ियों की बदलती भूमिकाओं को देखते हुए लिया जा रहा है।

संजय सिंह बिष्ट

BCCI on Rohit Sharma and Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने खिलाड़ियों के सालाना सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। 2025-26 सीजन से सबसे ऊंची श्रेणी मानी जाने वाली A-प्लस कैटेगरी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। यह कदम भारतीय क्रिकेट की मौजूदा परिस्थितियों और सीनियर खिलाड़ियों की बदलती भूमिका को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।

क्यों खत्म की जा रही है A-प्लस कैटेगरी?

A-प्लस कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए बनाई गई थी, जो तीनों फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल में नियमित रूप से भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और फिलहाल केवल वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। ऐसे में A-प्लस कैटेगरी के लिए योग्य खिलाड़ियों की संख्या बेहद कम हो गई है।

मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में कितनी मिलती है सैलरी?

वर्तमान सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था के तहत A-प्लस कैटेगरी में शामिल खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद A कैटेगरी में 5 करोड़ रुपये, B कैटेगरी में 3 करोड़ रुपये और C कैटेगरी में 1 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पिछले सीजन में सिर्फ चार खिलाड़ी रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा A-प्लस कैटेगरी में शामिल थे। इन चार खिलाड़ियों में से अब केवल जसप्रीत बुमराह ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जो तीनों फॉर्मेट में लगातार खेल रहे हैं। वह भारतीय टीम की गेंदबाजी के अहम स्तंभ हैं और हर फॉर्मेट में टीम का नेतृत्व करते हैं। हालांकि A-प्लस कैटेगरी खत्म होने की स्थिति में भी बुमराह की अहमियत और कमाई पर असर पड़ने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

बाकी खिलाड़ियों को नहीं होगा नुकसान

बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार यह फैसला किसी खिलाड़ी का दर्जा या महत्व घटाने के लिए नहीं लिया जा रहा है। बोर्ड का मानना है कि जो खिलाड़ी केवल एक या दो फॉर्मेट खेलते हैं, उन्हें तीनों फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ियों के बराबर रखना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को वर्तमान हालात के अनुरूप ढालना जरूरी हो गया है।

नए सिस्टम में क्या होगा बदलाव?

नए प्रस्ताव के तहत 2025-26 सीजन से केवल A, B और C कैटेगरी ही रखी जाएंगी। इससे कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम ज्यादा सरल और व्यावहारिक होगा। बोर्ड का फोकस खिलाड़ियों की भूमिका, उपलब्धता और टीम में योगदान के आधार पर उन्हें उचित श्रेणी में रखने पर रहेगा। बीसीसीआई का यह कदम भारतीय क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। बदलते फॉर्मेट और खिलाड़ियों की प्राथमिकताओं के बीच बोर्ड एक ऐसा सिस्टम बनाना चाहता है, जो लंबे समय तक टिकाऊ और निष्पक्ष साबित हो।

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