बाबूलाल मरांडी सोर्स- IANS
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JSSC-CGL विवाद पर बाबूलाल मरांडी का हमला, बोले- परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं, CBI जांच जरूरी

Jharkhand 14 exams cancelled: JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद्द होने पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं। बोले- छात्रों को न्याय के लिए CBI जांच जरूरी है।

करुणा नंद शाहवाल

Babulal Marandi Demands Cbi Inquiry: झारखंड में JSSC-CGL और TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द करने से छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। मरांडी के मुताबिक, छात्र लंबे समय से कथित पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों को दिग्भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि सरकार सीबीआई जांच से क्यों बच रही है। भाजपा नेता ने जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच होने पर ही कथित पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आ सकेगी।

छात्रों को दिग्भ्रमित करने का लगाया आरोप

भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्रों को दिग्भ्रमित करने के लिए कैबिनेट में परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ परीक्षा रद्द करने का श्रेय लेना चाहती है और दूसरी तरफ मामले को अदालत में ले जाकर न्यायिक प्रक्रिया के पीछे छिपने की कोशिश कर सकती है।

सरकार CBI जांच से क्यों भाग रही है- मरांडी

मरांडी ने कहा, "बच्चों की एक ही मांग रही है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच हो। आखिर सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है?" उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी और नौकरियों की खरीद-फरोख्त में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच होने पर ही कथित पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आ सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थी अदालत का रुख कर सकते हैं।

स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी करे मामले की जांच

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मौजूदा जांच एजेंसी ही अदालत में रिपोर्ट पेश करती है तो पहले की जांच में सामने आए सवालों के कारण छात्रों के सामने फिर परेशानी खड़ी हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष ने नेपाल, पश्चिम बंगाल

और झारखंड के विभिन्न स्थानों पर अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध कराए जाने और तैयारी कराए जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आम अभ्यर्थियों के लिए साक्ष्य जुटाना मुश्किल है, इसलिए किसी स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराना जरूरी है।

राहुल गांधी पर बोला हमला

बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी के अध्यक्ष और पूर्व जांच अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जांच का दायरा सीमित रखकर अपने लोगों और कथित बिचौलियों को बचाने की कोशिश कर रही है। मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्य सरकार की साझेदार है, इसलिए वह छात्र हितों के मुद्दे पर प्रभावी आवाज नहीं उठा रही है।

CBI जांच का आदेश तक छात्रों के साथ खड़े रहेंगे

उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा अब सरकार की मंशा को समझ चुके हैं। उन्होंने छात्रों से सीबीआई जांच की मांग पर अडिग रहने की अपील की। मरांडी ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश नहीं होता, तब तक उनकी पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

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