Teacher Eligibility Test: की विश्वसनीयता पर बार-बार होने वाली पेपर लीक ने सवाल खड़ा कर दिया है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि इस तरह का काला कारनामा करने वालों की वजह से परीक्षा स्थगित होने की नौबत आ जाती है। ईमानदार परीक्षार्थियों की मेहनत पर पानी फिर जाता है और उनमें से कुछ तो अत्यंत हताश होकर आत्महत्या तक कर लेते हैं। युवाओं के भविष्य से इस तरह का खिलवाड़ कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए, यह व्यवस्था का दोष है। जिसके पीछे स्वार्थ, बेशर्मी और भ्रष्टाचार का नंगा नाच चल रहा है।
अब टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का प्रश्नपत्र लीक हो गया। ऐसे 3 व्यक्ति गिरफ्तार किए गए जो दिल्ली से प्रश्नपत्र के 4 सेट लेकर भिवंडी पहुंचे थे और इसे बेचने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये में सौदा किया था। इस परीक्षा के स्थगित हो जाने से 4,28,122 परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ गई। उन्हें फिर से परीक्षा देने की तैयारी करनी पड़ेगी।
इन परीक्षार्थियों में 2,26,000 सेवारत शिक्षकों का समावेश था जिन्हें अपनी नौकरी बचाए रखने के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है। अब आश्वस्त किया जा रहा है कि टीईटी की आगामी परीक्षा में बैठने के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं रहेगी।
साथ ही कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। यह बात अपनी जगह है लेकिन परीक्षा स्थगित होने से मन में हताशा आ जाती है और भरोसा टूटने लगता है। पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में धांधली का सिलसिला विगत अनेक वर्षों से चला आ रहा है।
2018 व 2020 में भी टीईटी परीक्षा में मूल्यांकन प्रक्रिया से छेड़छाड़ हुई थी 2021 व 2023 में स्वास्थ्य विभाग ग्रुप सी और डी परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप लगा था। 2023 में एमपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक होने का आरोप था। 2025 में भी एमपीएससी परीक्षा प्रश्नपत्र देने का दावा करने वाला आरोपी गिरफ्तार किया गया था। 2025 में कोल्हापुर में टीईटी परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। 2026 में मुंबई विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा का पेपर फूट गया था।
पिछले दिनों नीट की परीक्षा का पेपर लीक होने से यह परीक्षा रद्द करनी पड़ी। जब तक धनवान परीक्षार्थी लाखों-करोडों रुपये में पेपर खरीदने के लिए तैयार रहेंगे तब तक पेपर लीक करने वालों का काला धंधा चलता रहेगा। ऐसा पहली बार हुआ कि दोबारा ली गई नीट परीक्षा के पेपर भारतीय वायुसेना के विमानों से भेजने पड़े।
अब तो यही उपाय हो सकता है कि पेपर तैयार करने वालों को किसी गुप्त स्थान में ले जाकर उनका जनसंपर्क तोड़कर उनसे पेपर के कई सेट बनवाए जाएं और उनमें से कोई एक सेट जारी किया जाए। कोचिंग सेटर के कर्ताधर्ताओं पर कड़ी नजर रखी जाए। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तभी पेपर फूट का कलंक दूर होगा।