Taj Mahal Survey Petition: पड़ोसी ने हमसे कहा, निशानेबाज, लगभग 60 साल पहले हिंदूवादी इतिहासकार पी.एन. ओक ने दावा किया था कि ताजमहल वास्तव में हिंदू राजपूत राजा द्वारा बनवाया गया भव्य शिवमंदिर था और उसका असली नाम 'तेजोमहालय' था। अब फिर से यह मुद्दा उठा है। इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें ताजमहल परिसर का सर्वेक्षण करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई है। इससे पता चल सकेगा कि वहां पहले मंदिर था या नहीं! खास बात यह है कि याचिका भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनागेश्वर विराजमान तेजोमहालय के माध्यम से उनके निकट मित्र हरिशंकर जैन व अन्य 5 याचिका कर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से दाखिल की गई है।
'हमने कहा, थोडी देर के लिए मान लीजिए कि अगर आगरा के ताजमहल को शिव मंदिर मान लिया गया, तो इस प्रेम के प्रतीक का क्या होगा, जिससे शाहजहां और उनकी बेगम मुमताज महल की प्रेमकहानी जुड़ी हुई है। इसे लेकर शकील बदायूनी ने लिखा था एक बादशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है। दूसरी ओर साहिर लुधियानवी ने लिखा था एक बादशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक! कहते हैं कि शाहजहां के 14 वें बच्चे को जन्म देते समय मुमताज महल की मृत्यु हो गई। अपनी इस बेगम की याद अमर करने के लिए शाहजहां ने राजस्थान के मकराना से हाथियों के जरिए संगमरमर की चट्टानें लाकर हजारों कुशल कारीगरों से ताजमहल का निर्माण करवाया था।
यह भी किंवदंती है कि बादशाह ने कारीगरों को काफी धन देकर मालामाल तो कर दिया, लेकिन उनके दोंनों हाथ कटवा दिए ताकि फिर वह कभी ऐसी बेमिसाल इमारत न बना सकें। विश्वभर के पर्यटक ही नहीं, राजनेता भी दिल्ली आने के बाद आगरा जाकर ताजमहल का दीदार करते हैं। वह संगमरमर की बेंच पर बैठकर ताज के बैकग्राउंड में अपना फोटो खिचवाते हैं। यदि ताजमहल शिवमंदिर साबित हुआ, तो यह सारा मिथक टूट जाएगा। फिर वहां कोई पर्यटक नहीं आएगा।'
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पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, काबिल वकील हरिशंकर जैन ने बाबरी मस्जिद मामले में हिंदुओं का पक्ष रखा था। वह काशी और मधुरा का मामला भी देख रहे हैं। अब ताजमहल की बारी है। वह दलील दे सकते कि मुगलों ने मंदिर तोडकर वहां मस्जिद और मकबरा बनाया। हमारा कहना है कि प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम न दो!
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा