Navbharat Nishanebaaz On Tulsi Tradition: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, भारत में हर हिंदू के घर में तुलसी का पौधा रहता है। घर के आंगन में वृंदावन रखने और शाम को तुलसी के पास दीया जलाने की पुरानी परंपरा है। कहते हैं जिसके द्वार पर तुलसी का बिरवा हो, वहां जाने की यमदूत हिम्मत नहीं करते। तुलसी पापनाशिनी है। भगवान कृष्ण के नैवेद्य में तुलसी पत्र डाले बिना वह उसे ग्रहण नहीं करते। भगवान के माथे पर मंजरी युक्त तुलसी चढ़ाई जाती है। दीपावली के बाद जब देवोत्थानी एकादशी आएगी, तो तुलसी विवाह मनाया जाएगा।
तुलसी का पौधा 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। तुलसी लगाओ, पर्यावरण बचाओ! सर्दी-खांसी होने पर तुलसी का काढ़ा पीने से राहत मिलती है। अमेरिका में अक्टूबर से मार्च तक बहुत ठंड पड़ती है, बर्फ भी गिरता है, इसलिए वहां के मौसम में तुलसी का पौधा नहीं पनपता।'
हमने कहा, 'अमेरिका में भी तुलसी है। वहां स्वयंघोषित हिंदू तुलसी गबार्ड को राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार या एनएसए बनाया था। यह बात अलग है कि बाद में तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जहां तक भारत की बात है, एकता कपूर ने 7 वर्ष तक चले अपने टीवी सीरियल में स्मृति ईरानी को तुलसी का किरदार दिया था। वह घर-घर तुलसी बहू के रूप में पहचानी जाने लगी। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने तुलसी (स्मृति ईरानी) को अपने मंत्रिमंडल में रखा।
यह रायबरेली में राहुल गांधी को हराने का इनाम था, लेकिन 2024 के चुनाव में पासा पलट गया। स्मृति ईरानी चुनाव हार गई। मोदी ने चुनाव न लड़ने वाली निर्मला सीतारमन को फिर वित्तमंत्री बनाया, लेकिन चुनाव हारने के बाद स्मृति को नहीं पूछा। वह फिर टीवी सीरियल में तुलसी वीरानी बनने को मजबूर हो गई। कभी वह एक्ट्रेस रहती हैं, तो कभी राजनीति में चली आती हैं।
अब बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें अपनी कार्यकारिणी में रखा है। शायद 2029 के चुनाव में स्मृति ईरानी को फिर राहुल के मुकाबले खड़ा किया जाएगा। रायबरेली से स्मृति का संबंध ऐसा है जैसे, मैं तुलसी तेरे आंगन की! इस नाम की फिल्म में विजय आनंद, नूतन और आशा पारेख ने काम किया था।'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा