हेमंत सोरेन, डिजाइन फोटो  सोर्स- नवभारत
नवभारत विशेष

नवभारत संपदाकीय: सीआईडी जांच के बाद भर्ती रद्द, क्या घोटालों के खेल में पिस गए ईमानदार युवा?

Jharkhand Job Scam: झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द होने से 2,000 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ गया है। घोटालों के कारण रद्द हुए फैसलों से अब निष्पक्ष परीक्षा देने वाले ईमानदार युवा पिस रहे हैं।

अनन्या तिवारी

Jharkhand Recruitment Scam: कहावत है- गेहूं के साथ घुन भी पिस जाता है। झारखंड में छात्रों के आंदोलन के बाद झारखंड की झामुमो, कांग्रेस व राजद की मिलीजुली सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोकसेवा आयोग द्वारा ली गई सभी 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दीं तथा 23 परीक्षाओं में धांधली की जांच करने की घोषणा कर दी। धांधली की सीआईडी जांच का आदेश देते हुए परीक्षा संचालन करने वाली टीडीपीएल के निदेशक को गिरफ्तार किया गया।

2,000 कर्मचारियों के भविष्य पर संकट

युवाओं ने इस फैसले का स्वागत किया परंतु इसका असर 2000 नए भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों पर हुआ है। यह युवक जिस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर गत वर्ष सरकारी सेवा में दाखिल हुए थे, वह परीक्षा और उसके आधार पर की गई नियुक्ति रद्द हो गई है। पुलिस ने इन कर्मचारियों को मंत्रालय में जाने से रोक दिया जबकि अभी उन्हें नौकरी से हटाए जाने का बाकायदा नोटिस भी नहीं मिला। इन कर्मचारियों का पक्ष भी नहीं सुना जा रहा है।

कोर्ट के आदेश और नियुक्ति की पृष्ठभूमि

राज्य में कई वर्षों से भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई थी। यह मामला अदालत में गया। इस भर्ती को 2024 में स्थगित किया गया था लेकिन दिसंबर 2025 में स्थगन हटाकर प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की सूची जारी करने का आदेश न्यायालय ने दिया था। तब इन 2000 कर्मचारियों को नौकरी मिली थी। इसमें सभी उम्मीदवारों ने सिफारिश या पैसे के बल पर नौकरी हासिल नहीं की होगी। जो उम्मीदवार ईमानदारी से परीक्षा पास कर नौकरी में लगे होंगे, उनसे क्यों ज्यादती होनी चाहिए?

न्याय के लिए फिर आंदोलन की तैयारी

अब यह 2,000 कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। वह भी न्याय के लिए आंदोलन करने की तैयारी में हैं। सरकारी नौकरी पाने के लिए लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं। इस तरह के घोटाले अनेक राज्यों में होते हैं। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा में 25 वर्ष पूर्व घोटाला हुआ था। तब आयोग के पूर्व अध्यक्ष शशिकांत कर्णिक तथा अन्य अधिकारियों को जेल जाना पड़ा था।

2019 में देवेन्द्र फडणवीस सरकार के कार्यकाल में महापरीक्षा पोर्टल पर की गई भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगने पर यह पोर्टल रद्द किया गया था। मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाला हुआ था जिसमें बड़ी मछलियां फंसी थीं। बंगाल में 25,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हुआ था। इन शिक्षकों की नियुक्ति रद्द की गई थी। ममता बनर्जी के खिलाफ विद्रोह पनपने के पीछे एक मुद्दा यह भी था।

बेरोजगारी का नया संकट और युवाओं में टकराव

जहां तक झारखंड का मामला है, एक आंदोलन को शांत करने के लिए सरकार ने पूरी भर्ती रद्द कर डाली। क्या यह निर्णय पूरी तरह उचित और सुविचारित माना जाएगा। इससे नौकरी से हटाए गए युवा व आंदोलन करने वाले युवाओं के बीच आपसी टकराव बढ़ेगा। इन 2,000 लोगों पर बेरोजगारी का संकट आ जाएगा जबकि इनमें से कितनों ने मेहनत व ईमानदारी से परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की होगी। इस मुद्दे पर गहराई से सोचा ही नहीं गया। जो कल तक नौकरी कर रहे थे उन्हें गेट पर खड़े होने की नौबत आ गई।

CJP Protest: प्रिवेंटिव कस्टडी में अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास, आज मजिस्ट्रेट के सामने पेशी

Weather Today: मानसून की वापसी तेज, अंडमान-निकोबार में भारी बारिश के आसार, तटीय इलाकों में उमस बढ़ेंगी

पेपर लीक अब एक रोग बन गया है, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा बयान, इसे रोकने सरकारें उठा रही बड़े कदम

NIA ने फ्लाईदुबई घटना की जांच के लिए केस दर्ज किया, ओमानी को-पायलट को बनाया गया आरोपी

आज फिर सुबह 10 बजे जंतर-मंतर लौटेगा CJP, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन