Cockroach Biology Facts: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, इन दिनों लोग स्टॉक मार्केट के बुल एंड बीयर की बजाय कॉकरोच पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसा क्यों?' हमने कहा, 'कॉकरोच को हिंदी में तिलचिट्टा कहते हैं। उसकी पहुंच झोपड़ी से लेकर महलों तक है। टीन-कनस्तर वाले के घर से लेकर मिनिस्टर के बंगले तक वह बेखटके डेरा जमा सकता है। किचन और सिंक उसका प्लेग्राउंड है। जहां कचरा वहां कॉकरोच | कॉकरोच का कमर्शियल पहलू समझिए। जब तक कॉकरोच रहेंगे, उन्हें मारने वाला 'हिट' विकता रहेगा। बॉयोलाजी पढ़ने वाले छात्र कॉकरोच पकड़कर लाते हैं और डिसेक्शन कर उनकी एनाटोमी समझते हैं। कॉकरोच का अस्तित्व लाखों वर्षों से है। कॉकरोच जुरासिक पीरियड अर्थात डायनासोर के समय से पृथ्वी पर मौजूद हैं। वह ब्लाटोडिया श्रेणी में आते हैं। मानव बस्तियों में कॉकरोच की 4,600 प्रजातियां पाई जाती है। जब किसी होटल-रेस्टोरेंट, ट्रेन या हवाई जहाज में दिए गए खाने की प्लेट में कॉकरोच निकलता है तो हंगामा मच जाता है और अखबारों की खबर बनती है। थाईलैंड, ताइवान और मेक्सिको के लोग कॉकरोच का सिर व पैर काट देते हैं और उसे उबालकर या सेंक कर शौक से खाते हैं। कोरिया के वैज्ञानिक कॉकरोच से ए, कैन्सर व गंजेपन का इलाज करने वाली दवा बनाने पर रिसर्च कर रहे हैं।"
पड़ोसी ने कहा, 'कॉकरोच ने केंद्र सरकार को डरा दिया है। सोशल मीडिया पर करोड़ों फालोअसं जुटाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी या सीजेपी का एक्स अकाउंट बंद कर दिया गया है। नीट पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और तानाशाही के खिलाफ बनी इस पार्टी के सदस्य के रूप में 10 लाख लोगों ने पंजीकरण करवाया है। 6 लाख से ज्यादा लोगों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार कॉकरोच से इतना डरती क्यों है? आप हमसे इतनी आसानी से छुटकारा नहीं पा सकते।'
हमने कहा, 'यह अभी सिर्फ सोशल मीडिया का आंदोलन है। इसे राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव में उतारना हो तो इसके लिए चुनाव आयोग से मान्यता लेनी होगी। वैसे 'आप' के समान ही यह तेजी से बढ़ी पार्टी है। आम आदमी और कॉकरोच का हमेशा से सहअस्तित्व रहता आया है।"
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा