East India Company India: ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत आना व्यापारिक उद्देश्यों से प्रेरित था, जो बाद में साम्राज्यवाद में बदल गया। दरअसल 15वीं शताब्दी में यूरोप में कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिनकी वजह से भारत और पूर्व के देशों के प्रति यूरोपीय देशों में आकर्षण बढ़ा। यूरोप की व्यापारिक एवं औद्योगिक क्रांति ने वहां के व्यापारियों को जब नया बाजार तलाशने के लिए विवश किया, तो सबसे पहले उनकी नजर भारत पर पड़ी। इसी क्रम में पहले पुर्तगालियों का और फिर डच व्यापारियों का भारत में आगमन हुआ और उन्होंने परस्पर व्यापार को बढ़ावा दिया।
1608 में 24 अगस्त के दिन कैप्टन हॉकिन्स के नेतृत्व में अंग्रेजों का पहला जहाजी बेड़ा 'हेक्टर' भारत पहुंचा। उस समय मुगल बादशाह जहांगीर का शासन था। कहने को तो यह एक सामान्य सी घटना थी और इससे पहले भी व्यापार के लिए जहाजी बेड़े यहां से वहां आते जाते थे, लेकिन इतिहास की इस एक घटना ने भारत के मस्तक पर अंग्रेजों की गुलामी की काली रेखा खींच दी।
1600 : ईस्ट इंडिया कम्पनी का पहला जहाज 'हेक्टर' सूरत के तट पर पहुंचा।
1690 : कलकत्ता शहर की स्थापना हुई।
1814 : ब्रिटिश सेना ने अमेरिका में व्हाइट हाउस को आग के हवाले कर दिया।
1891 : थॉमस एडिसन ने काइनेटोग्राफिक कैमरा और काइनेटोस्कोप के लिए पेटेंट प्राप्त किया। यही तकनीक आगे चलकर चलचित्र में तब्दील हुई।
1914 : प्रथम विश्व युद्ध में जर्मन सेना ने नैमूर पर कब्जा किया।
1954 : गहराते राजनीतिक समीकरणों के बीच ब्राज़ील के राष्ट्रपति गेटुलियो वर्गास ने इस्तीफा देने के बाद आत्महत्या की।
1969 : वी.वी. गिरि भारत के चौथे राष्ट्रपति बने।
1974 : फखरूद्दीन अली अहमद भारत के पांचवें राष्ट्रपति बने।
1991 : सोवियत संघ से अलग होकर यूक्रेन एक स्वतंत्र देश बना।
1993 : पॉप स्टार माइकल जैक्सन के ख़िलाफ़ लॉस एंजिलिस पुलिस ने यौन शोषण के आरोपों की जांच शुरू की।
1995: उत्तरी अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज 95 की आम जनता के लिए शुरुआत।
1999 : पाकिस्तान ने करगिल ऑपरेशन के दौरान भारत द्वारा पकड़े गये आठ युद्धबंदियों को युद्धबंदी मानने से इनकार किया।
2000 : बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद इरशाद को पांच वर्ष की सज़ा।
2006 : अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ ने प्लूटो (यम) का ग्रह का दर्जा समाप्त किया।
2021: तोक्यो पैरालंपिक खेलों का आगाज़ हुआ।
2023: जापान ने औपचारिक रूप से फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा संयंत्र से उपचारित रेडियोएक्टिव जल प्रशांत महासागर में छोड़ना शुरू किया।
2025: इजराइल ने हवाई हमलों के जरिये यमन की राजधानी में हूती विद्रोहियों को निशाना बनाया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)