सावन में नॉन-वेज खाने की मनाही (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

सावन में के नॉन-वेज खाने की मनाही के पीछे धार्मिक वजह के साथ जुड़ा हुआ है साइंस

धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से सावन महीना बड़ा शुभ होता है। शास्त्रों के अनुसार, सावन में नॉन-वेज खाने की मनाही होती है जिसके पीछे धार्मिक कारण तो है ही वैज्ञानिक कारण भी हैं।

सीमा कुमारी

Non-Veg Restrictions In Sawan: शिवभक्ति का पावन महीना सावन शुरू हो गया है वही आने वाले 14 जुलाई को सावन महीने का पहला सोमवार व्रत भी रखा जाएगा। सावन का महीना कई मायनों में खास होता है। धार्मिक लिहाज से भी काफी अहम माना जाता है। इस महीने जो भी भक्त सच्चे एवं निश्छल मन से भगवान शिव को पूजा अर्चना करता है उस पर भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा होती हैं।

आपको बता दें, हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सावन में कई तरह के चीजों को खाने की मनाही होती है। खासतौर पर, नॉन-वेज। जिसे कई लोग सावन के दौरान खाने और छूने से भी बचते हैं।

इसके पीछे धार्मिक मान्यता तो है ही, लेकिन इसे न खाने की वैज्ञानिक वजह भी होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी वजह के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं सावन में क्यों है नॉन-वेज खाने की मनाही-

नॉन-वेज खाने की मनाही का ये होता है धार्मिक कारण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,सावन का महीना हिंदू धर्म में काफी पावन और अहम माना जाता है। इस दौरान भगवान शिव की आराधना की जाती है और उनकी कृपा पाने के लिए व्रत-उपवास भी रखा जाता है। ऐसे में इस महीने के पवित्रता और पूजा-अर्चना के नियमों का पालन करते हुए नॉन-वेज खाने से परहेज किया जाता है। इस वजह से नॉन-वेज खाने की मनाही होती है।

आस्था ही नहीं साइंस भी है इसकी वजह

सावन के महीने में नॉनवेज न खाने के पीछे सेहत भी जुड़ा है। दरअसल, इस महीने में मानसून आता है और बरसात के मौसम में अक्सर सूरज की रोशनी की कमी से मेटाबॉलिज यानी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। ऐसे में नॉनवेज जैसा हैवी फूड खाने से इसे पचाना मुश्किल हो जाता है और इसके आंत में सड़ने की वजह से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

नॉन-वेज न खाने की अन्य वजह भी

जानकार बताते है कि, सावन यानी बरसात में नॉनवेज न खाने की एक वजह यह भी है कि यह प्रजनन या ब्रीडिंग का मौसम होता है। ऐसे में किसी भी प्रेग्नेंट जीव को खाने से हमारे शरीर को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

साइंस के मुताबिक ऐसे जीव को खाने से वैसे तो कोई नुकसान नहीं है, लेकिन अगर सही तरीके से इन्हें पकाया न जाए, तो हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

इन्फेक्शन का रहता है खतरा

आपको बता दें, सावन माह के दौरान नॉनवेज इसलिए भी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि लगातार बारिश की वजह से हर तरफ नमी रहती है। इसकी वजह से बैक्टीरिया और कीटाणु को पनपने की अच्छी मिल जाती है।

ऐसे में घास और पत्ते खाने वाले जीव-जंतुओं को खाने से इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि घास और पत्तों के जरिए कीड़े-मकौड़े और बैक्टीरिया जानवरों के शरीर में चले जाते हैं, जिससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए इस मौसम में नॉनवेज से दूर रहने की सलाह दी जाती है। अगर आप इन्फेक्शन और बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो इस मौसम में नॉन-वेज खाने से बचें।

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