Jitiya Vrat Ke 4 Upay: हर साल आश्विन माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जितिया यानी जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को हिन्दू माताएं संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना के लिए रखती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन हिन्दू माताए व्रत रखकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती है और साथ ही इस दिन माताएं संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए कुछ विशेष उपाय भी करती है। आइए जान लेते है इन उपायों के बारे में-
ज्योतिषयों के अनुसार, जितिया व्रत के दिन संतान की सुरक्षा के लिए माताएं पूजा के समय एक लाल कपड़े में थोड़े से तिल और लौंग रखकर भगवान जीमूतवाहन के चरणों में अर्पित करें। पूजा पूरी होने के बाद उस लाल कपड़े को पवित्र धागे की तरह अपनी संतान की बाईं कलाई पर बांध दें। इससे संतान पर आने वाले संकट टलते हैं।
जितिया व्रत के दिन संतान की तरक्की के लिए पूजा के दौरान भगवान जीमूतवाहन को मिष्ठान, ठेकुआ और फलों का भोग लगाएं तथा 'ॐ नमो भगवते जीमूतवाहनाय नमः' मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि, इस उपाय को श्रद्धापूर्वक करने से संतान की तरक्की मिलती हैं।
नजर दोष से बचाव के लिए जितिया व्रत के दिन लाल कपड़े को तेल में भिगोकर नारियल पर बांधें और इसे भगवान जीमूतवाहन को अर्पित करें। इसके बाद नारियल को बच्चे के सिर के ऊपर से सात बार घुमाकर किसी बहती नदी में प्रवाहित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक प्रभावों से बच्चे की रक्षा की कामना की जाती है।
संतान की लंबी आयु व अच्छे स्वास्थ्य के लिए जितिया व्रत के दिन सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करें और सूर्य मंत्र का जाप करें। इसके बाद भगवान जीमूतवाहन की पूजा करें। पूजा के बाद लाल कपड़े में नारियल, इलायची, पान का पत्ता, सुपारी और अक्षत रखकर पोटली बनाएं। इसे कलावे से 16 गांठ लगाकर केले के पेड़ या बरगद के वृक्ष को अर्पित करें और संतान की लंबी आयु व अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।