

Santan Prapti Ke Liye Upay : हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत और पूजा का बड़ा महत्व बताया गया है। हिन्दू धर्म ग्रथों में बताया गया है कि एकादशी व्रत करने से व्यक्ति की मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होता है। इसलिए हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत को विशेष मह्त्व दिया जाता है। हर महीने दो बार एकादशी व्रत रखा जाता है।
सभी एकादशी व्रत का अपना -अपना महत्व है। वहीं सावन में पड़ने वाली पुत्रदा एकादशी इस बार पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त के दिन पड़ रही है। पुत्रदा एकादशी को लेकर ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से इस दौरान पूजा की जाए तो ये फलदायी होता है। खासतौर पर इस व्रत को संतान प्राप्ति की मनोकामना और बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी रखा जाता है।
ऐसा माना जाता है कि, जिन लोगों को संतान सुख पाने में दिक्कत आ रही है या जिनके बच्चों की तरक्की अटक सी गई है, वो लोग पुत्रदा एकादशी के दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग की चीजों का भोग लगाएं। पीले रंग की चीजों में आप केले, लड्डू, केसर खीर वगैरह का भोग लगा सकते है। भोग में आप तुलसी के पत्ते को जरूर शामिल करें। मान्यता है कि,ऐसा करने से संतान सुख की कामना पूरी होती है।
पुत्रदा एकादशी पर पीले रंग का सूती धागा से जुड़ा उपाय भी कर सकते है। इसके लिए पीले रंग का सूती धागा या फिर कलावा लें। इसे पूजा के दौरान भगवान विष्णु के चरणों के पास रख दें। इसके बाद ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करते हुए बच्चों को दाहिने हाथ में बांध दें।
ऐसी मान्यता है कि इससे बच्चों को बुरी नजर नहीं लगती है और उनकी तरक्की के लिए भी ये उपाय शुभ माना जाता है।
जो दंपति संतान सुख की इच्छा रख रहे हैं उन्हें पुत्रदा एकादशी के दिन गोपाल स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी शुभ होगा। मान्यता है कि, ऐसा करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है।
पुत्रदा एकादशी के दिन शाम के समय जरूरतमंदों को पीले रंग के कपड़े, चने की दाल या फिर केला दान कर सकते हैं। मान्यता है कि एकादशी पर दान करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है। गुरु मजबूत होने से नौकरी, शादी और संतान से जुड़ी दिक्कतें दूर होती हैं।