Ganesh Visarjan Rituals 2026: गणेश चतुर्थी उत्सव में गणपति बप्पा के आगमन से लेकर विसर्जन तक हर रस्म के पीछे भक्तों का भाव और धार्मिक मान्ताएं होती है, जो सदियों से चली आ रही है। घर में कुछ दिनों तक गणपति की पूजा करने के बाद जब उन्हें विदाई दी जाती है, तो माहौल भावुक हो जाता है।
विसर्जन के दौरान कई घरों में एक परंपरा निभाई जाती है कि बप्पा के विसर्जन के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है? क्या यह सिर्फ लोकपरंपरा है?
गणपति बप्पा को विदा करने के बाद पीछे मुड़कर न देखने की परंपरा को मोह छोड़ने और बप्पा पर विश्वास रखने के समान माना जाता है। जब भक्त बप्पा को विदा करते हैं, तो उसे मन में यह विश्वास रखना चाहिए कि गणपति अपने साथ घर की परेशानियां और दुख ले गए हैं और अपने आशीर्वाद से सुख-समृद्धि छोड़ गए हैं।
गणपति कई दिनों तक घर के सदस्य की तरह रहते हैं। उनकी रोज पूजा होती है, भोग लगाया जाता है और परिवार के लोग उन्हें अपना परिवार मानने लगते हैं। ऐसे में बप्पा की विदाई के बाद एक सुनापन सा हो जाता है। इसलिए विसर्जन के बाद बार-बार पीछे देखने से विदाई का भाव और अधिक गहरा हो जाता है। इस परंपरा को एक तरह से बप्पा को पूरे विश्वास और सकारात्मक मन से विदा करने का प्रतीक माना जाता है।
गणपति बप्पा के विसर्जन के समय भक्त गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ का जयघोष है। भाव यही है कि विदाई के साथ अगली बार बप्पा को आने का न्योता भी दे रहे हैं। इसलिए पीछे मुड़कर देखना है या नहीं, यह परिवार की परंपरा और व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है। विसर्जन श्रद्धा, सम्मान और सुरक्षित तरीके से किया जाए।