पितृपक्ष के दौरान ये काम जरूर करें (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

पितृपक्ष के दौरान ये काम जरूर करें, कष्टों से मिलेगा छुटकारा, बनेंगे जीवन में सुख-समृद्धि के शुभ योग

Pitru Paksha: जिस प्रकार देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पूजा पाठ करते है ठीक उसी तरह पितरों की आत्मा की शांति के लिए भी कुछ कार्यो को करना शुभ होता हैं। आइए जानते हैं इन कार्यों के बारे में।

सीमा कुमारी

Pitru Paksha 2025: हर साल पितृपक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से हो जाती हैं। इस बार 7 सितंबर,रविवार से इसकी शुरुआत हो चुकी। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष वह अवधि है जिसमें पितरों की आत्मा की शांति के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए हम पूजा-पाठ, श्राद्ध और तर्पण आदि करते हैं। इसके साथ ही पितृपक्ष के शुभ समय में कुछ ऐसे कार्य भी हैं जिनको करने से आपको बेहद सुखद परिणाम प्राप्त हो सकते हैं, आइए जानते हैं इन कार्यों के बारे में।

पितृ पक्ष के दौरान किन कार्यों को करना होता है बड़ा शुभ:

दान करना

पितृ पक्ष के दौरान दान करना बड़ा शुभ माना गया है। जैसा कि आप जानते है कि हिंदू धर्म में दान करना बेहद पुण्य का कार्य माना गया है। पितृपक्ष के दौरान पितरों का स्मरण करते हुए अगर आप दान करते हैं, तो शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है। इससे आपके पितृ तो प्रसन्न होते ही हैं, साथ ही ईश्वर का भी आपको आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।

पीपल तले दीपक जलाना

ऐसा माना जाता है कि पीपल के वृक्ष में हमारे पितृ निवास करते हैं। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान आपको पीपल के पेड़ के नीचे दीपक अवश्य जलाना चाहिए। यह कार्य करने से आपके पितृ बेहद प्रसन्न होते हैं।

पंचबलि कर्म

पितृ पक्ष के दौरान पंचबलि कर्म करना भी शुभ होता हैं। इसका अर्थ है पांच जीवों को अन्न देना। ये पांच जीव हैं- गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी और मछली। इन सभी को अन्न, जल आदि देने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन जीवों को दिया गया अन्न आपके पितरों तक पहुंचता है।

दक्षिण दिशा में दीपक जलाना

कहा जाता है कि पितृपक्ष के दौरान आपको घर की दक्षिण दिशा में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। इस दिशा को पितरों की दिशा कहा जाता है। इस दिशा में जलाया गया दीपक पितरों का आशीर्वाद आप पर बरसाता है। आप चाहें तो इस दिशा में चौमुखी दीपक भी जला सकते हैं।

तर्पण और पिंडदान

पितृपक्ष में किया जाने वाला सबसे जरूर काम श्राद्ध है। यानि पितरों का पिंडदान और तर्पण। इसके साथ ही नीचे बताए गए कार्यों को करने से भी आपको पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

व्रत रखना

आपके पितृ देवताओं का श्राद्ध जिस भी दिन आता है उस दिन आपको व्रत रखना चाहिए। व्रत रखने से आपकी आत्मिक शुद्धि तो होती ही है साथ ही पितृ प्रसन्न होकर आपके सभी कष्टों को भी दूर करते हैं।

हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता देश के लिए खतरा, हामिद अंसारी के बयान बवाल, BJP ने किया पलटवार

सहारनपुर से चुनावी आगाज की परंपरा जारी रखेगी BJP? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से सियासी हलचल तेज

दिल्ली में वोटर लिस्ट से कटेगा केजरीवाल का नाम, चुनाव आयोग ने भेजा SIR का नोटिस, पूर्व CM से मांगे कागज

ABVP ने DUSU चुनाव में लहराया परचम, जीत के बाद यश डबास की पहली प्रतिक्रिया, बोले- हमारे साथ हैं Gen Z

DUSU Election Result 2026 LIVE: DUSU में अध्यक्ष पद पर ABVP की जीत, यश डबास बने DU के प्रेसिडेंट