पितृपक्ष में न खरीदें ये चीजें (सौ.सोशल मीडिया) 
धर्म

पितृपक्ष में गलती से भी न खरीदें ये चीजें, वरना नाराज होंगे पितर, लग सकता है पितृदोष!

Pitra Paksha: पूर्वजों और पितरों को समर्पित पितृपक्ष कुछ ही दिनों में आने वाला है। इस दौरान कुछ वस्तुएं ऐसी हैं जो पितृपक्ष के दौरान बिल्कुल भी नहीं खरीदनी चाहिए। वरना पितृ नाराज हो सकते हैं।

सीमा कुमारी

Pitra Paksha 2025: 7 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत होने जा रही हैं जो आगामी 21 सितंबर 2025 तक चलेगी। कहा जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान 15 दिनों के लिए पितर धरती पर आते हैं। ऐसे में अगर पितृ के नाम से तर्पण, पिंडदान वगैरह किया जाए, तो पितृ बेहद प्रसन्न होते हैं और जब आपके पितृ प्रसन्न रहते हैं तो आपके घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और वंश पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं।

इसके साथ ही कुछ वस्तुएं ऐसी हैं जो पितृपक्ष के दौरान बिल्कुल भी नहीं खरीदनी चाहिए। अगर खरीद ली जाएं तो पितृ नाराज हो सकते हैं और आपके या आपके घर के ऊपर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते है कौन सी हैं वह वस्तुएं,

पितृपक्ष में न खरीदें ये चीजें

लोहे का सामान

गरुड़ पुराण के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान भूल से भी लोहे का सामान नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष में लोहे का सामान खरीदने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। जिस कारण व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

नए कपड़े या गहने

कहा जाता है कि, पितृपक्ष के दौरान भूल से भी नए कपड़े या गहने आदि नहीं खरीदने चाहिए। ऐसा करना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता। यह आपके पितरों की नाराजगी का कारण बन सकता है। इसी के साथ नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदना भी पितृपक्ष के दौरान वर्जित माना जाता है। इसलिए ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।

सरसों का तेल, झाड़ू और नमक

ऐसी मान्यता है कि, पितृपक्ष के दौरान सरसों का तेल, झाड़ू और नमक खरीदने से से भी बचना चाहिए। ऐसा करने पर व्यक्ति को त्रिदोष लग सकता है। जिस कारण व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आपके ये सभी चीजें पितृपक्ष से पहले ही खरीद कर रख लेनी चाहिए।

नए घर की छत की ढलाई

पितृपक्ष के दौरान भूलकर भी नए घर की छत की ढलाई न करें। इससे पितृ नाराज हो सकते हैं और घर में पितृदोष लग सकता है।

इन नियमों का जरूर रखें ध्यान

पितृपक्ष के दौरान कुछ मांस-मदिरा से दूरी बनानी चाहिए। इस अवधि में लहसुन-प्याज रहित सात्विक भोजन ही खाएं। साथ ही पितृपक्ष में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इसी के साथ अपने आस-पास का माहौल भी सात्विक रखने का प्रयास करें।

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