Shree Yantra-Kuber Yantra Benefits On Dhanteras: हिंदू धर्म में धनतेरस और दिवाली का विशेष महत्व है। धनतेरस को हिन्दू धर्म में धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। धनतेरस के दिन सिर्फ सोने-चांदी और बर्तनो की खरीदारी का नहीं, बल्कि घर में स्थायी सुख-समृद्धि घर में स्थापित करने का भी शुभ अवसर होता है। धनतेरस के पावन पर्व पर अपने पूजा घर या तिजोरी में इन यंत्रो को स्थापित करना बेहद लाभकारी माना जाता है। ये तीन यंत्र है- श्री यंत्र, कुबेर यंत्र और गणेश यंत्र।
धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से हमारे जीवन की सभी आर्थिक बाधाएं दूर हो जाती हैं और घर में बरकत आती है। इतना ही नहीं तिजोरी भी हमेशा धन- धान्य से भरी रहती है। ऐसे में आइए जानते है इन खास यंत्रों को स्थापित करने की विधि और महत्व-
शुभ मुहूर्त- शाम को 6 बजकर 2 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक। इसी शुभ मुहूर्त पर आप किसी भी समय यंत्र को स्थापित कर सकते हैं।
धनतेरस के दिन यंत्रों को स्थापित करने के लिए प्रदोष काल बेहद शुभ समय होता है। यंत्रो को स्थापित करने से पहले इन्हें गंगाजल से धोकर पवित्र कर लिजिए। इसके बाद तिजोरी या मंदिर में एक लाल या पीले रंग के साफ कपड़े में बिछाकर इन यंत्रों को रखें और रोरी या कुमकुम से तिलक करें। अक्षत और ताजे फूल अर्पित करे।
श्री यंत्र को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए धनतेरस के दिन मंदिर में श्री यंत्र स्थापित करना बेहद लाभकारी होता है। इसे घर के मंदिर में स्थापित करने से आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
धनतेरस के दिन कुबेर यंत्र को घर की उत्तर दिशा या अपनी तिजोरी में रखने से धन लाभ के योग बनते हैं। इतना ही नहीं कुबेर यंत्र के प्रभाव से आय के नए मार्ग भी खुलते हैं।
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने का विधान है। विघ्नहर्ता और रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश बुद्धि, सौभाग्य और सुख समृद्धि के प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन घर के मंदिर में गणेश यंत्र स्थापित करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।