Basant Panchami Special Bhog: माता सरस्वती की पूजा-आराधना करने के लिए बसंत पंचमी का पावन पर्व बहुत ही शुभ एवं पवित्र माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष बसंत पंचमी पर्व की शुभ तिथि 23 जनवरी को सुबह 02:28 बजे से प्रारंभ होकर 24 जनवरी को रात्रि 01:46 बजे तक रहेगी, इसलिए बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
ऐसा माना जाता है कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थीं, इसलिए इस तिथि को बसंत पंचमी के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की सही विधि से पूजा करने और उनका प्रिय भोग चढ़ाने से विद्या, करियर और जीवन में सफलता मिलती है।
शास्त्रों के अनुसार, ज्ञान की देवी मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए बेसन के लड्डू का भोग लगा सकते है। कहा जाता है कि, बेसन के लड्डू मां सरस्वती को बहुत पसंद हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर आप इस दिन उन्हें बेसन के लड्डू का भोग लगाते हैं, तो आपको करियर और पढ़ाई में सफलता मिलती है। खासकर विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह बहुत शुभ होता है।
मां सरस्वती को बेसन के लड्डू के अलावा केसर की रबड़ी का भी भोग लगा सकते है।क्योंकि मां सरस्वती को केसर की रबड़ी भी बेहद पसंद है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी बुद्धि तेज हो और जीवन में सफलता मिले, तो इस दिन केसर की रबड़ी का भोग जरूर लगाएं।
मां सरस्वती को बूंदी का प्रसाद भी बहुत पसंद है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बूंदी का भोग लगाने से पढ़ाई में सफलता मिलती है और करियर में उन्नति होती है। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है जो नौकरी या परीक्षा में अच्छे परिणाम चाहते हैं।
मीठे चावल को भाग्य खुलने का प्रसाद माना जाता है। इसे बनाने के लिए चावल में गुड़ या चीनी, केसर और इलायची डाली जाती है। ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस दिन मां सरस्वती को मीठे चावल का भोग लगाते हैं, उनकी बुद्धि और याददाश्त अच्छी होती है।
केसर युक्त खीर या सूजी का हलवा (केसरी हलवा) भी मां को बहुत प्रिय है। यह मन को शुद्ध करता है और ज्ञानवर्धक होता है।