Apara Ekadashi Par Kya Daan Karein: ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी इस बार 13 मई को है। जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित अपरा एकादशी व्रत सनातन धर्म में बड़ा महत्व रखता है। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति को कई यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। यही नहीं, इस दौरान श्रद्धा और विधि से पूजन करने से समस्त पापों से मुक्ति भी मिलती है।
धर्म ग्रथों में एकादशी तिथि में दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन कुछ चीजों का दान शुभ एवं फलदायी माना जाता है। इस दिन किया गया व्रत और दान अश्वमेध यज्ञ और तीर्थ स्नान के समान पुण्य मिलता है।
ज्योतिषयों के अनुसार, अपरा एकादशी के दिन जल या शरबत का दान करना सबसे शुभ माना जाता है। यदि आप इस दिन जल का दान करेंगी तो अत्यंत पुण्यकारी हो सकता है। इस दिन आप जरूरतमंद लोगों को पानी या शरबत जरूर पिलाएं। इस उपाय से विष्णु जी की कृपा दृष्टि बनी रहती है और व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
शास्त्रों में बताया गया है कि,अपरा एकादशी के दिन मौसमी फलों और गुड़ का दान करना भी बड़ा शुभ एवं पुण्यदाई माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फल और गुड़ का दान करने से घर-परिवार में मिठास बनी रहती है और रिश्तों में प्रेम बढ़ता है। आप इस दिन खरबूजा, तरबूज या अन्य मौसमी फलों का दान कर सकते हैं।
इस दिन मौसमी फलों और गुड़ के अलावा, आप अन्न दान भी कर सकते हैं। शास्त्रों में अन्न दान को सबसे बड़ा दान बताया गया है। यदि आप अपरा एकादशी के दिन किसी गरीब और जरूरतमंद को चावल, गेहूं, दाल या अन्य खाद्य सामग्री का दान करें तो यह अत्यंत फलदायी हो सकता है। ऐसा करने से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती है। साथ ही, परिवार में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है।
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अपरा एकादशी के दिन यदि आप किसी जरूरतमंद को वस्त्रों का दान करती हैं तो यह आपके लिए विशेष रूप से फलदायी हो सकता है। ऐसी मान्यता है कि वस्त्रों का दान करने से विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी की कृपा दृष्टि भी बनी रहती है और जीवन में समृद्धि आती है। यदि संभव हो तो दान में पीले वस्त्र दें।
इस दिन धन का भी दान जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है और विष्णु जी का आशीर्वाद भी मिलता है। इस दिन आपको अपनी सामर्थ्य अनुसार धन किसी जरूरतमंद को अवश्य दान में देना चाहिए।