Akshaya Tritiya Daan Mahatva: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को सबसे शुभ दिनों में गिना जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है। धर्म शास्त्रों में अक्षय तृतीया को शुभ तिथि बताया गया है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है यानि किसी भी शुभ काम को करने के लिए इस दिन मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया का मतलब है वह तिथि जिसका कभी क्षय (नाश) न हो। इस दिन आप जो भी अच्छा काम करते हैं या निवेश करते हैं, उसका फल आपको जीवनभर मिलता है। इसलिए सनातन धर्म में इसका विशेष महत्व है।
धर्म ग्रथों में अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की खास परंपरा बताई गई है, लेकिन इसे सही समय पर खरीदना ही फायदेमंद होता है।
ज्योतिषयों के अनुसार , इस साल अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर 20 अप्रैल को सुबह 05:40 से दोपहर 12:20 तक का समय सबसे उत्तम माना जा रहा है।
अक्षय तृतीया पर दान करना भी बेहद लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान जन्म-जन्मान्तर के लिए आपके पुण्य के खाते में जुड़ जाता है। इसलिए सोना खरीदने के अलावा दान का भी महत्व है।
अक्षय तृतीया के दिन जौ का दान करना चाहिए। हिंदू शास्त्रों में जौ को कनक यानी सोना माना गया है। इस दिन जौ खरीदना और उसे भगवान विष्णु को अर्पित करना दरिद्रता दूर करता है। पूजा के बाद इस जौ को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें, इससे साल भर धन की आवक बनी रहती है।
अक्षय तृतीया के दिन ठंडे पानी का दान करना सबसे बड़ा पुण्य काम बताया गया है। इस दिन मिट्टी का नया घड़ा (मटका) खरीदकर उसमें पानी भरकर दान करने से न केवल पितृ तृप्त होते है। बल्कि कुंडली में चंद्रमा और मंगल की स्थिति भी शुभ होती है।
इस दिन सत्तू खाने और दान करने की भी पुरानी परंपरा है। इसे अक्षय भोजन माना जाता है। नई गुड़ के साथ सत्तू का दान करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता बेहतर रहता है। इससे ग्रहों के दोष शांत होते है।
अक्षय तृतीया के दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन घर में दक्षिणावर्ती शंख या सफेद कौड़ियां जरूर लाएं. कौड़ियों को केसर और हल्दी से पूजा करने के बाद उन्हें धन रखने के स्थान पर रखने से व्यापार और नौकरी में आ रही रुकावटें खत्म होती है।