Yogini Ekadashi Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार, आज के दिन यानी 10 जुलाई 2026, शुक्रवार के दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी के रुप में मनायी जाने वाली है। इस दिन समस्त वैष्णवों के द्वारा एकादशी व्रत का नियमानुसार पालन किया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का दिन भगवान श्री हरि विष्णु को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम दिन होता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और नियमानुसार एकादशी व्रत का पालन करने से समस्त पापों का नाश होता है। इसके अलावा धन, वैभव और पुण्य की भी प्राप्ति होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि जो कोई भी व्यक्ति योगिनी एकादशी का नियमपूर्वक व्रत करता है उसे 88,000 ब्राम्हणों को भोजन कराने के बराबर फल मिलता है।
दिन: शुक्रवार
मास: आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
संवत: 2083
तिथि: कृष्ण दशमी प्रातः 08:16 बजे तक, इसके बाद एकादशी, जो 11 जुलाई प्रातः 05:22 बजे तक रहेगी।
आज धृति योग प्रातः 07:15 बजे तक रहेगा। इसके बाद शूल योग प्रारंभ होगा, जो अगले दिन तड़के 03:51 बजे तक रहेगा।
करण की बात करें तो विष्टि (भद्रा) प्रातः 08:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद बव करण सायं 06:53 बजे तक रहेगा और फिर बालव करण शुरू होगा।
सूर्योदय: प्रातः 05:31 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:22 बजे
चंद्रोदय: 11 जुलाई को रात्रि 01:53 बजे
चंद्रास्त: दोपहर 03:10 बजे
सूर्यदेव आज मिथुन राशि में विराजमान हैं। वहीं चंद्रमा मेष राशि में सायं 06:44 बजे तक रहेंगे, इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 बजे से 12:54 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 08:47 बजे से 10:16 बजे तक
इन शुभ मुहूर्तों में भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, दान-पुण्य और शुभ कार्य करना लाभकारी माना गया है।
राहुकाल: प्रातः 10:42 बजे से 12:26 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 07:15 बजे से 08:59 बजे तक
यमगण्ड काल: दोपहर 03:54 बजे से सायं 05:38 बजे तक
इन समयों में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
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आज चंद्रमा भरणी नक्षत्र में दोपहर 01:15 बजे तक रहेंगे। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र का आरंभ होगा।
भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है, जबकि इसकी राशि मेष और राशि स्वामी मंगल हैं। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता यमराज माने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार, इस नक्षत्र में जन्मे लोग जिम्मेदार, अनुशासित, मेहनती, सत्यनिष्ठ और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले होते हैं। इन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने और न्यायप्रिय स्वभाव के लिए भी जाना जाता है।