मां मंगला गौरी   (सौ.सोशल मीडिया)
धर्म

25 अगस्त को ‘शिव-शक्ति’ का दुर्लभ संयोग, मंगला गौरी और भौम प्रदोष में इस समय पूजा से मिलेगा दोहरा पुण्य

Mangla Gauri Vrat : मंगला गौरी व्रत और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग होने से भक्त एक साथ मां पार्वती और शिव जी की कृपा पा सकते है। आइए बताते हैं कि प्रदोष व्रत और मंगला गौरी व्रत एक साथ कैसे करें।

सीमा कुमारी

Mangla Gauri And Bhaum Pradosh: कल 25 अगस्त को सावन महीने का अंतिम मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा। इस बार के मंगला गौरी व्रत की विशेष बात ये है कि इसी दिन शिव जी को समर्पित प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है जिससे इस शुभ तिथि का महत्व शिव भक्तों के लिए और भी बढ़ गया है। हिन्दू लोक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

मंगला गौरी व्रत और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग होने से भक्त एक साथ मां पार्वती और शिव जी की कृपा पा सकते है। आइए हम आपको बताते हैं कि प्रदोष व्रत और मंगला गौरी व्रत एक साथ कैसे करें।

मंगला गौरी 2026 पर बन रहा है दुर्लभ संयोग

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 25 अगस्त को प्रातः 06 बजकर 20 मिनट से होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 26 अगस्त को प्रातः 07 बजकर 59 मिनट पर होगा। ऐसे में 25 अगस्त को ही प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन शिव पूजा का सही समय शाम को 07 बजकर 49 मिनट से 09 बजकर 57 मिनट तक है।

यह व्रत मंगलवार के दिन रखा जा रहा है, इसी वजह से इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। खास बात यह है कि इसी दिन सावन का अंतिम मंगला गौरी व्रत भी पड़ रहा है। ऐसे में एक ही दिन माता पार्वती और भगवान शिव की संयुक्त आराधना का अत्यंत पावन और फलदायी संयोग बन रहा है।

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 06 मिनट से 05 बजकर 48 मिनट तक

  • अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 43 मिनट से 01 बजकर 47 मिनट तक

  • विजय मुहूर्त- दोपहर 03 बजकर 23 मिनट से 04 बजकर 16 मिनट तक

  • रवि योग- दोपहर 01 बजकर 21 मिनट से 26 अगस्त को सुबह 06 बजकर 32 मिनट तक

ऐसे करें मंगला गौरी व्रत की पूजा?

  • सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।

  • एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां पार्वती की प्रतिमा को विराजमान करें।

  • देवी जी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।

  • दीपक जलाकर आरती करें और व्रत कथा का पाठ करें।

  • पार्वती चालीसा का पाठ और मंत्रों का जप करें।

  • सूजी का हलवा, फल और मिठाई आदि चीजों का भोग लगाएं।

  • देवी से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।

  • पूजा करने के बाद मंदिर में या गरीब लोगों को अन्न-धन आदि का दान करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं।

Delhi CJP Protest: दिनभर बंद रही दिल्ली, 10 बजे के बाद बंद 45 मेट्रो स्टेशन बहाल; कल फिर कूच का ऐलान

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर UN ने जताई चिंता, भारत से तत्काल रिहाई की अपील

उत्तरकाशी में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, चार दिनों में दूसरी बार डोली धरती

रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करेगी CJP, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन का ऐलान

CJP के जंतर-मंतर कूच से थमी दिल्ली, हजारों लोग हिरासत में, देखें दिनभर की तस्वीरें