वसुंधरा राजे (सोर्स- सोशल मीडिया) 
राजस्थान

'राजनीति में अक्सर दिल टूटते हैं...', फिर हरा हो उठा वसुंधरा राजे का पुराना जख्म, नए बयान से किसे दिया संदेश?

Rajasthan Politics: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा का एक रूप है, लेकिन राजनीति में अक्सर दिल टूटते हैं।

अभिषेक सिंह

Vasundhara Raje: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा का एक रूप है, लेकिन राजनीति में अक्सर दिल टूटते हैं और भावनाएं आहत होती हैं। वसुंधरा राजे सोमवार को डीडवाना-कुचामन जिले के छोटी खाटू में आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि जैन धर्म अहिंसा पर आधारित है और किसी भी जीवित प्राणी के जीवन को नुकसान पहुंचाना हिंसा माना जाता है, लेकिन हिंसा सिर्फ हथियार चलाने या किसी को पीटने तक ही सीमित नहीं है। राजे के इस बयान को सियासी गलियारों में बड़े राजनैतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या बोलीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे?

वसुंधरा राजे ने कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना और किसी का दिल तोड़ना भी हिंसा है, लेकिन राजनीति में ऐसा अक्सर होता है, जहां दिल टूटते हैं और भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने कहा कि राजमाता विजया राजे सिंधिया ने उन्हें सिखाया था कि जीवन में किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। मैं उनके नक्शेकदम पर चल रही हूं।

अधिकार छीनना भी अधर्म: वसुंधरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी के साथ अन्याय करना और किसी के अधिकार छीनना भी अधर्म है। आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में लोगों के पास समय की कमी है। अगर लोग भगवान को याद करने के लिए समय निकालें तो उनके जीवन में मुश्किलें नहीं आएंगी।

इस मौके पर आचार्य महाश्रमण ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में नैतिकता, सद्भावना और नशे से मुक्ति होनी चाहिए। उन्होंने राजे को एक संस्कारी जननेता बताया जो संतों के सामने कुर्सी पर नहीं बैठतीं। वह कुर्सी का इस्तेमाल नहीं करतीं। राजे को महाश्रमण मर्यादा महोत्सव समिति द्वारा सम्मानित भी किया गया।

वसुंधरा राजे ने किसे दिया संदेश

वैसे तो वसुंधरा राजे ने यह वक्तव्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव में दे रही थीं, लेकिन इस बयान को एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। चर्चाओं में कहा जा रहा है कि जब राजे को पर्ची देकर सीएम के रूप में भजनलाल शर्मा का नाम अनाउंस कराया गया था तब उनका भी दिल दुखा था। यही वजह हैं कि उन्होंने राजनीति में दिल टूटने और भावनाएं आहत होने वाला बयान दिया है।

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