अशोक गहलोत सोर्स- सोेशल मीडिया
राजस्थान

राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस खेलेगी युवा कार्ड, 60% युवाओं को टिकट देने का ऐलान

Rajasthan Civic Elections: राजस्थान निकाय चुनाव में कांग्रेस 60% युवाओं को टिकट देगी। पूर्व CM गहलोत ने सिफारिशी राजनीति पर रोक की वकालत की, तो डोटासरा ने युवाओं और वफादारों को मौका देने का ऐलान किया।

अनन्या तिवारी

Congress 60 Percent Youth Quota: राजस्थान की राजनीति में आगामी निकाय चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस बार सत्ता में वापसी और संगठन को मजबूती देने के लिए एक ऐसी रणनीति तैयार की है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने साफ कर दिया है कि इस बार चुनाव में 'अनुभव' के साथ-साथ 'युवा जोश' का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

राजनीति की कमान जेन-जी के पास

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति का माहौल अब पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में युवाओं की भागीदारी को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। गहलोत ने प्रस्ताव रखा कि निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत से अधिक टिकट 'जेन-जी' यानी नई पीढ़ी के युवाओं को दिए जाने चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेताओं के अनुभव की अपनी अहमियत है और उनके मार्गदर्शन का पूरा उपयोग किया जाएगा, लेकिन भविष्य की राजनीति के लिए नई पौध को आगे लाना अनिवार्य है।

सिफारिशी संस्कृति पर गहलोत का प्रहार

इस बैठक की सबसे चौंकाने वाली बात अशोक गहलोत का अपनी ही सिफारिशों के खिलाफ दिया गया बयान रहा। गहलोत ने 'सिफारिशी राजनीति' पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, 'सिफारिश के आधार पर टिकट मत दीजिए। इतिहास गवाह है कि जब भी सिफारिश पर टिकट बांटे गए हैं, पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।'

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यवेक्षकों को जमीनी स्तर पर जाकर उम्मीदवारों का निष्पक्ष मूल्यांकन करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। गहलोत ने यहां तक कह दिया कि जयपुर, भरतपुर और बीकानेर जैसे शहरों से लोग उनके पास भी सिफारिश लेकर आते हैं, लेकिन अगर वे खुद भी किसी के नाम की सिफारिश करें, तो उसे टिकट का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, वरिष्ठ नेता हमेशा जमीनी हकीकत से वाकिफ नहीं होते, इसलिए टिकट केवल असली और समर्पित कार्यकर्ताओं को ही मिलना चाहिए।

युवाओं को 60 फीसदी टिकट का वादा

गहलोत के 50 प्रतिशत के सुझाव को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया। डोटासरा ने घोषणा की कि राजस्थान कांग्रेस आगामी निकाय चुनावों में 60 प्रतिशत टिकट युवाओं को देगी। उन्होंने कहा कि यह कोई खोखला वादा नहीं है, बल्कि इसके निर्देश संगठन के सबसे निचले स्तर तक पहुंचा दिए जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर युवाओं को नेतृत्व करने का मौका मिल सके।

पार्टी के प्रति वफादारी की जांच

टिकट वितरण के लिए कांग्रेस पार्टी ने कड़े मापदंड तय किए हैं। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के पिछले राजनीतिक व्यवहार की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। पार्टी ने साफ कर दिया है कि जिन निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस का निस्वार्थ समर्थन किया, उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। लेकिन, उन लोगों के लिए दरवाजे लगभग बंद हैं जिन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता और बाद में निजी स्वार्थ के लिए किसी अन्य दल का दामन थाम लिया। ऐसे दलबदलुओं को टिकट वितरण में कोई प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।

कांग्रेस की यह नई रणनीति साफ संकेत दे रही है कि पार्टी अब पुराने ढर्रे को छोड़कर एक 'युवा और अनुशासित' छवि के साथ जनता के बीच जाना चाहती है। अब देखना यह होगा कि 60 प्रतिशत युवाओं को आगे करने का यह प्रयोग निकाय चुनावों में कांग्रेस की नैया पार लगाने में कितना सफल साबित होता है।

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