कोर्ट से लिस्ट क्यों छुपा रही सरकार? छात्रों के खिलाफ FIR पर भड़के सौरव दास, केस वापसी में देरी पर उठाए सवाल

Jantar Mantar Student Protest News: जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट की मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। सरकार द्वारा FIR रद्द करने में देरी पर CJP ने कड़े सवाल उठाए।
CJP Sourav Das FIR Cancellation Demand
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दाससोर्स- सोशल मीडिया
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CJP Sourav Das FIR Cancellation Demand: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज FIR और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले युवाओं को छोड़कर बाकी किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाए।

मामले पर अब कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार पर छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने के मामले में देरी की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है।

कोर्ट में सूची क्यों जमा नहीं कर रही सरकार?

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब कोर्ट सरकार से उन FIRs की लिस्ट मांग रहा है जिन्हें रद्द किया जाना है, तो आप उसे कोर्ट में क्यों नहीं सौंप रहे हैं?

आगे दास ने कहा कि आप (सरकार) कोर्ट में इस मामले में हिचकिचाहट दिखा रहे हैं। हमारे साथ देरी करने वाली चालें न चलें। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने लगभग 2,800 पक्के अपराधियों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी है, तो वह बिल्कुल अलग मामला है। छात्रों से जुड़ा मुद्दा उनके खिलाफ दर्ज FIRs को रद्द करने का है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी राज्य-वार FIR की सूची

सुनवाई को लेकर सौरव दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR को रद्द करने का अपना इरादा साफ तौर पर जाहिर किया। साथ ही कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से FIR की राज्य-वार सूची भी मांगी ताकि कोर्ट एक ही बार में उन्हें निपटा सके।

2,800 लोगों को बताया अपराधी

सुप्रीम कोर्ट की मांग पर सरकार के वकील ने सूची सौंपने का कोई वादा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने तर्क दिया कि लगभग 2,800 गंभीर अपराधियों पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार को हिंसा में शामिल लोगों की अलग से पहचान करनी चाहिए, उनके खिलाफ FIR की एक अलग सूची बनानी चाहिए और उसी के अनुसार उनकी जांच करनी चाहिए।

CJP Sourav Das FIR Cancellation Demand
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साथ ही, सरकार को 25 जुलाई को किए गए अपने सार्वजनिक वादे का भी सम्मान करना चाहिए, जब दो केंद्रीय मंत्रियों ने पूरे देश को भरोसा दिलाया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस ले ली जाएंगी

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