Vande Mataram Controversy: सोनिया गांधी के बचाव में कांग्रेस-TMC-DMK, CPI-M ने पूछा- पार्टी का रुख क्या है?

Congress Vande Mataram Controversy: ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर सोनिया गांधी के समर्थन में कांग्रेस, TMC और DMK उतर आए हैं। वहीं CPI(M) ने कांग्रेस से राष्ट्रीय गीत पर आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा है।
Sonia Gandhi Vande Mataram Controversy
वंदे मातरम् विवाद पर सोनिया गांधी के समर्थन में कांग्रेस, TMC और DMK उतर आए हैंसोर्स-आईएएनएस
Updated on

Sonia Gandhi Vande Mataram Controversy: संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी बयानबाजी में बदल गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के समर्थन में कांग्रेस के साथ तृणमूल कांग्रेस और डीएमके भी सामने आए हैं, जबकि सीपीआईएम ने कांग्रेस से राष्ट्रीय गीत के पूर्ण संस्करण को लेकर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग की है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय ध्वज के नाम पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की ‘वंदे मातरम्’ के दौरान उनकी भागीदारी के लिए तारीफ की थी। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी सोनिया गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने गीत रोकने की कोशिश नहीं की थी। वहीं, TMC और DMK नेताओं ने भी भाजपा पर निशाना साधा। दूसरी ओर, CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस से राज्यों में अलग-अलग प्रथाओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

भाजपा जबरन खड़ा कर रही विवाद

एक वीडियो बयान में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, भाजपा अब चारों तरफ से घिर गई है और उसकी लोकप्रियता कम हो रही है, इसलिए वह अब राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर जबरन विवाद खड़ा कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में वंदे मातरम् के गायन के बाद एक शिष्टाचार मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की सराहना की थी।

सोनिया ने गीत रोकने की कोशिश नहीं की- जयराम

प्रमोद तिवारी के अनुसार, सोनिया गांधी ने कहा था कि रिजिजू के होंठ लगातार 'वंदे मातरम्' के साथ चल रहे थे, जो सराहनीय बात है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे तो इस बात की पुष्टि स्वयं किरण रिजिजू से कर सकती है।

इससे एक दिन पहले कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी सोनिया गांधी का बचाव करते हुए कहा था, "गीत को रोकने की कोशिश नहीं की गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी सिर्फ यह कह रही थीं कि उनके लिए एक कुर्सी लाकर वहां रखी जाए।"

Sonia Gandhi Vande Mataram Controversy
वंदे मातरम पर छिड़ा सियासी संग्राम, बंकिम चंद्र के वंशज ने सोनिया गांधी से क्यों की माफी की मांग?

सोनिया गांधी के समर्थन में उतरी कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने भी सोनिया गांधी का समर्थन किया और कहा कि उन्हें अनावश्यक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सांसदों को चुनौती देते हुए कहा, "क्या वे राष्ट्रीय गीत के सभी छह अंतरे गाकर दिखा सकते हैं।

मैं ईमानदारी से कहता हूं कि मैं ऐसा नहीं कर सकता, लेकिन क्या इससे मैं कम राष्ट्रवादी हो जाता हूं? अगर कोई वंदे मातरम् नहीं गा पाता तो उसे राष्ट्रविरोधी कहना कहां तक सही है"

CPI(M) ने कांग्रेस से आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा

वहीं, डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने भी भाजपा की आलोचना करते हुए कहा, "हम यह कैसे कह सकते हैं कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय गीत को रोकने के लिए कहा था? हो सकता है कि उन्होंने किसी और बात के लिए इशारा किया हो।

भाजपा हर चीज में गलती निकालने के लिए जानी जाती है। वे अपनी गलतियों पर चुप रहते हैं।" सीपीआईएम के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है और कांग्रेस को इस पर अपना स्पष्ट रुख बताना चाहिए।

बेबी ने राज्यों में अलग तरीके अपनाने पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि देश में इस समय कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्री हैं और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। बेबी ने कहा, "केरल में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की मौजूदगी वाले ध्वजारोहण समारोह में केवल राष्ट्रगान बजाया गया।

वंदे मातरम् नहीं बजाया गया, जबकि कांग्रेस शासित तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण बजाया गया। इसलिए कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि वंदे मातरम् के गायन को लेकर पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है।"

Navbharat Live
navbharatlive.com