Rajasthan Government Development: राजस्थान में भजनलाल शर्मा के विकसित भारत के रोडमैप से राज्य की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। सेमीकंडक्टर क्लस्टर से अटल ज्ञान केंद्र तक और अमृत योजना से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना तक राजस्थान नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हो रहा है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भिवाड़ी में राज्य के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का शुभारंभ किया हरियाणा के रास्ते राजस्थान को दिल्ली से जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना और यमुना जल समझौते पर तेजी से चल रहे काम की समीक्षा भी की।
सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के भिवाड़ी और खैरथल-तिजारा की कई विकास परियोजनाओं को राज्य सरकार नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा पहलों के जरिए औद्योगिक विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। पिछले दो सालों में 35 नीतियां लागू कर राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।
यह 'विकसित भारत, विकसित राजस्थान 2047' के विजन को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। राजस्थान के भिवाड़ी में अल्सीना इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स और 34 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) सहित कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। साथ ही खैरथल-तिजारा जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत हुई।
यमुना जल समझौते को तेजी से लागू करने के साथ-साथ अलवर के पास बांदीकुई में एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा। भिवाड़ी में बने सेमीकंडक्टर क्लस्टर राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ग्रामीण विकास के लिए ऐसा ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है जिसमें सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और स्थानीय जरूरतों को शामिल किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं को सुविधाएं देने के लिए पंचायत स्तर पर 'अटल ज्ञान केंद्र' स्थापित करने का फैसला भी लिया गया है।
अटल ज्ञान केंद्र ग्रामीण शिक्षा केंद्र हैं जिन्हें ज्ञान और पढ़ने की सुविधाओं तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए विकसित किया जा रहा है। राजस्थान की आर्थिक समीक्षा के अनुसार, इन केंद्रों पर ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं शुरू की जा रही हैं ताकि ग्रामीण युवाओं में खुद से पढ़ाई करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने को बढ़ावा मिले, साथ ही आम लोगों में पढ़ने की आदत को भी प्रोत्साहित किया जा सके।
दिसंबर 2025 तक ऐसे 1,607 केंद्रों के लिए वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी थी। सरकारी टेंडर से यह भी पता चलता है कि राजस्थान की विभिन्न ग्राम पंचायतों में अटल ज्ञान केंद्र की इमारतों का निर्माण चल रहा है।
सीएम भजनलाल शर्मा की सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार ने बिजली और पानी की जरूरतों को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राजस्थान के 24 जिलों में किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। 4 लाख नौकरियां देने के वादे को पूरा करने के लिए सरकार अब तक 1.25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुकी है। इसके अलावा 1.25 लाख नई भर्तियों का कैलेंडर जारी किया गया है और 1.35 लाख से ज्यादा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।
सेमीकंडक्टर उद्योग बेहद महत्वपूर्ण है। भारत में अब 12 सेमीकंडक्टर प्लांट हैं, जहां विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चिप्स बनाए जा रहे हैं। राजस्थान भी अब इस उद्योग से जुड़ने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का मूल्य छह गुना बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। मोबाइल फोन अब भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बन चुका है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग योजना के तहत 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। भिवाड़ी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 1,200 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 2,500 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इस प्लांट में हर साल 6 करोड़ चिप्स के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
अमृत योजना के तहत राजस्थान में 85 रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 15 का काम पूरा हो चुका है। अलवर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। भिवाड़ी में 61 करोड़ रुपए की लागत से बने 34 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लगाया गया है।
इसके साथ ही 52 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली ट्रीटेड वॉटर पाइपलाइन परियोजना की आधारशिला भी रखी गई। भजनलाल सरकार भिवाड़ी को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ-साथ भिवाड़ी अब सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।