Sambit Patra Slams Rahul Gandhi: लोकसभा में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तरफ से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। सदन स्थगित होने के बाद से ही भाजपा लगातार राहुल पर आक्रामक है। राहुल गांधी की शाम 6 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद भाजपा ने फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल पर पलटवार किया है। भाजपा ने इससे पहले राहुल गांधी पर लोकसभा में झूठ बोलने का आरोप लगाया था।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद संबित पात्रा कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कभी बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से माफी नहीं मांगी है और न ही कभी मांगेंगे, लेकिन कुछ दिन पहले ही उन्होंने कोर्ट में शिवराज सिंह चौहान से माफी मांगी थी। उन्होंने लिखित माफीनामा जमा करते हुए कहा था, 'कृपया मुझे माफ कर दें।'
संबित पात्रा ने कहा कि मुझे यह भी याद है कि जब उन्होंने 'चौकीदार चोर है' वाली टिप्पणी की थी, तो सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अफसोस जताते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा था। राहुल गांधी ने उस हलफनामे पर हस्ताक्षर किए और माफी मांगी। तो राहुल गांधी आप कैमरों के सामने भले ही दावा करें कि आप कभी माफी नहीं मांगते, लेकिन आप कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके माफी मांगते हैं। यही आपका चरित्र है और हम सब जानते हैं कि जब आप कोर्ट में होते हैं तो माफी मांगते हैं।
प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने माफी मांगने के मुद्दे पर कहा कि आज मैंने देखा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने की इजाजत नहीं दी गई। कई बार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बोलने का मौका मिला लेकिन मुझे नहीं, क्योंकि मैंने कहा था कि जो बर्बरता हुई, उसके लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार थे।
राहुल ने कहा कि अगर मैं माफी मांगता तो मुझे बोलने की इजाजत मिल जाती। मैं माफी नहीं मांगूंगा। मेरे लिए सबसे अहम मुद्दा यह है कि दिल्ली की सड़कों पर हमारे छात्रों के साथ बर्बरता की गई। उन पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं।
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राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में सरकार द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल पर इनकार पर जवाब देते हुए कहा कि अनेक बच्चों को पैलेट गन से मारा गया है। मैंने अपनी आंखों से छर्रे देखे हैं। सरकार कह रही है कि हमने पैलेट गन का इस्तेमाल ही नहीं किया है। बच्चे कह रहे हैं कि शिक्षा प्रणाली काम नहीं कर रही है, पेपर लीक हो रहे हैं, शिक्षा पाना बहुत महंगा है।