

Rahul Gandhi press conference: संसद के मॉनसून सत्र में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है। आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसद में दिए भाषण के दौरान जमकर बहसबाजी हुई। सत्ताधारी भाजपा ने असंसदीय शब्दों का उपयोग करने के लिए उनसे माफी की मांग की, वहीं कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उनसे कहा गया कि अगर वह माफी मांग लेंगे। तो बोलने दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने साफ किया है कि वह आरएसएस या बीजेपी से जुड़े किसी भी व्यक्ति से माफी नहीं मांगेंगे।
राहुल गांधी ने कहा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता। मैंने कई बार अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया ताकि मैं बोल सकूं। कई बार किरेन रिजिजू, राजनाथ सिंह और अन्य नेताओं को बोलने दिया गया, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया। बहाना यह दिया गया कि मैंने अमित शाह के बारे में कुछ कहा था। मैंने कहा था कि अमित शाह उस बर्बरता के लिए जिम्मेदार थे जो हुई थी। मुझे यह आश्वासन भी दिया गया कि अगर मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा"।
उन्होंने कहा, “ छात्रों को पैलेट गन से मारा गया है। यह मेरा सबसे बड़ा इश्यू है। मैंने उसका मेडीकल सर्टिफिकेट देखा है। उसकी आंख जा सकती है। पुलिस ने केवल लाठियों से नहीं बल्कि कीलों के साथ लाठियों से छात्रों पर हमला किया है। इन्होंने नाबालिगों पर हमला किया। मेरे लिए यह सबसे बड़ा इश्यू है।”
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ बर्बरता की गई और उन पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं, जिन्होंने गोलियां चलाईं, वे गृह मंत्री अमित शाह को रिपोर्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि एक लड़के को पैलेट गन लगी है, जिसकी आंख जाने का बहुत ज्यादा खतरा है और हो सकता है कि वह देख न पाए।
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने AIIMS का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिससे पता चलता है कि उसे पैलेट गन लगी थी। केवल आम लाठियों का ही नहीं, बल्कि शॉक बैटन और कील लगी लाठियों का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को यह आइडिया कहां से आया? विपक्ष के नेता के तौर पर जनहित के ये मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है।