विदर्भ में मानसून का कहर (सोर्स- नवभारत डिजाइन फोटो)
भंडारा जिले में लगातार मूसलाधार बारिश से साकोली सहित पूरे जिले में बाढ़ के हालात हैं और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से गोसीखुर्द बांध के 29 गेट खोलकर तटीय इलाकों में सतर्कता की चेतावनी दी गई है।यवतमाल जिले में गुरुवार (30 जुलाई) को औसतन 33.6 मिमी बारिश के साथ अब तक कुल 238.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिसमें 63.8 मिमी के साथ झरी-जामनी तहसील सबसे आगे रहा। मौसम विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष मानसून की प्रगति काफी संतोषजनक बनी हुई है।ऑरेंज अलर्ट के बीच वर्धा जिले में गुरुवार को हुई धुआंधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए और देवली तहसील सहित पिपरी, सिंदी व उमरी जैसे इलाकों के मकानों में पानी भर गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए जिले में 'येलो अलर्ट' जारी करते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।गड़चिरोली जिले में दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से राजोली गांव जलमग्न हो गया है और कई प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पर्लकोटा नदी के उफान से भामरागड क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिसके चलते प्रशासन ने 700 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।गोंदिया जिले में लगातार तीसरे दिन बारिश से कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटों में 54.6 मिमी औसत वर्षा के साथ अर्जुनी मोरगांव (104.3 mm) और देवरी सहित 4 तहसीलों में भारी अतिवृष्टि दर्ज की गई है।विदर्भ में मानसून की जोरदार वापसी के साथ मौसम विभाग ने अमरावती, अकोला, वाशिम, वर्धा और चंद्रपुर जिलों में अगले 24 घंटों के लिए अति मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ भारी बारिश से नदी-नालों में उफान और जलभराव की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।