Heavy Rain And Storm In Yavatmal: भीषण गर्मी से जूझ रहे यवतमाल शहर सहित जिलेभर में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे नागरिकों को गुरुवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने चौंका दिया। आसमान में काले बादल छाने के साथ ही तेज आंधी और मूसलाधार बेमौसम बारिश शुरू हो गई। इस अचानक हुए बदलाव से जहां एक ओर तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में प्रकृति के इस रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है। सड़कों पर पानी भरने और पेड़ों के गिरने से यातायात भी काफी समय तक प्रभावित रहा।
सबसे बुरा प्रभाव आर्णी तहसील में देखने को मिला, जहां आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। साकुर, मुकिंदपुर, अंबोडा और कोसदनी सहित कई गांवों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। साकुर गांव में तूफानी हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई घरों की टीन की छतें उड़ गईं, जिससे घरों में रखा अनाज भीगकर खराब हो गया। कवठा बाजार क्षेत्र में तो बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि (गारे) हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढका नजर आया।
बेमौसम हुई इस बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लोणबेहल परिसर सहित कई इलाकों में खेतों में खड़ी तिल, ज्वार, बाजरा और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। फलदार पेड़ों को भी भारी क्षति पहुंची है। साकुर में दत्तात्रय भालेराव के घर पर नींबू का बड़ा पेड़ गिरने से ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं झोपड़पट्टी क्षेत्र में रामदास खाडे के मकान पर भी विशाल पेड़ गिर गया। आंधी के कारण कई किसानों के गाय, भैंस और बकरियां जैसे मवेशी भी घायल हुए हैं।
यह भी पढ़ें:- नागपुर मेडिकल अस्पताल में दर्दनाक घटना: ट्रेन हादसे में पैर गंवाने वाली तृतीयपंथी ने वार्ड में की आत्महत्या
यवतमाल शहर की सड़कों पर पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाजारों में खरीदारी के लिए निकले लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों के नीचे शरण लेते दिखाई दिए। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में जिले के कुछ हिस्सों में फिर से तेज हवा और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की सख्त अपील की है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है।