

Nagpur Medical College Hospital Suicide Case: नागपुर शासकीय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में उपचार ले रहे एक तृतीयपंथी ने अपनी तकलीफों से तंग आकर आत्महत्त्या कर ली। उसने बेड से ही फांसी लगा ली। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मृतक नांदगांवपेठ, अमरावती निवासी राधिका मोहन जाधव (35) बताई गई।
जानकारी के अनुसार राधिका ट्रेनों में भीख मांग कर अपना उदर निर्वाह करती थी। बीते महीने अमरावती में चलती ट्रेन से नीचे उत्तरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया। राधिका नीचे गिर गई और ट्रेन की चपेट में आने से उसके पैर कट गए, उसे उपचार के लिए अमरावती के ही इरविन अस्पताल में भर्ती किया गया था। पैर बचने की उम्मीद काफी कम थी। अच्छे इलाज के लिए उसे 23 अप्रैल को नागपुर के मेडिकल अस्पताल में शिफ्ट किया गया और वार्ड क्र। 17 में उपचार चल रहा था।
परिचित युवक रोहित बाम्बोटे उसकी देखरेख करने के लिए अस्पताल में रहता था। बताया जाता है कि जान बचाने के लिए डॉक्टर को राधिका के पैर काटने पड़े थे। तब से राधिका तनाव में थी और भविष्य की चिंता सता रही थी। असहनीय दर्द भी होता था। गुरुवार की सुबह 7:30 बजे राधिका ने सफेद बैंडेज को बेड के एक कोने पर बांध दिया और दूसरी तरफ से नीचे झूल गई।
इस समय उसके पास कोई नाहीं था। कुछ देर बाद रोहित वापस लौटा तो राधिका फंदे पर लटकी दिखाई दी, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही आला डॉक्टर मौके पर पहुंचे। अजनी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।