महागांव महामोर्चा फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

यवतमाल के महागांव में एससी उपवर्गीकरण के विरोध में महामोर्चा, मांगों को लेकर गरजे प्रदर्शनकारी

SC Sub-Classification: यवतमाल के महागांव में एससी उपवर्गीकरण के विरोध में महामोर्चा निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने उपवर्गीकरण प्रक्रिया रद्द करने और आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांगें उठाईं।

आंचल लोखंडे

Yavatmal Mahagaon Mahamorcha: यवतमाल जिले के महागांव तहसील में अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण के विरोध में माहौल गरमा गया है। अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण विरोधी संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को शहर में भव्य महामोर्चा निकाला गया। पंचायत समिति कार्यालय से इस महामोर्चा की शुरुआत की गई। अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण के विरोध में युवाओं ने उत्स्फूर्त सहभाग दर्ज कराया। अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण की प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए, सरकार द्वारा नियुक्त आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक मुद्दों पर ठोस उपाय योजना की जाए, इन प्रमुख मांगों को लेकर यह महामोर्चा निकाला गया।

मोर्चा की प्रमुख मांगों में राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण की प्रक्रिया तत्काल रद्द करना। सरकार द्वारा नियुक्त पूर्व न्यायमूर्ति आनंद बदर आयोग की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक कर संबंधित समिति को रद्द करना। अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण से संबंधित प्रक्रिया तत्काल रोककर अनुसूचित जाति वर्ग के सभी घटकों के हितों का संरक्षण करना। महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति वर्ग का जातिनिहाय सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सर्वेक्षण कर उसकी रिपोर्ट घोषित करना शामिल है।

आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर सरकारी, अर्धसरकारी और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में एससी प्रवर्ग की रिक्त एवं बैकलॉग पदों को शत-प्रतिशत भरने की मांग भी की गई। एससी के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, छात्रावास, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन तथा उच्च शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाकर सर्वांगीण विकास के लिए विशेष उपाययोजना करने की मांग रखी गई, तालुका में लंबित श्रावणबाल योजना के सभी प्रकरणों का तत्काल निपटारा करने, लाभ मिलने की आवश्यक शर्तों में शिथिलता देने तथा सभी पात्र अतिक्रमणधारकों को नमूना 8 देकर रमाई आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी की गई।

बेरोजगार इंजीनियरों का 14 से श्रृंखला अनशन

पुसद (सं) लोक निर्माण विभाग, पुसद के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों से जारी निविदाओं में शासन निर्णय के अनुसार शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों को 34 प्रतिशत के अनुपात में काम नहीं दिए जाने का आरोप संबंधित इंजीनियरों ने लगाया है। बार-बार अनुरोध और निवेदन करने के बावजूद काम के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों ने आगामी शुक्रवार 14 अगस्त से लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सामने श्रृंखलाबद्ध अनशन करने का निर्णय लिया है। शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप में निवेदन दिए हैं।

सरकार से प्रक्रिया रद्द करने की मांग

उनका आरोप है कि शासन द्वारा जारी निर्णय के अनुसार शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों को 34 प्रतिशत के अनुपात में काम दिया जाना चाहिए, लेकिन विभाग द्वारा उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, 5 प्रतिशत काम वितरण समिति के समक्ष भी उनके काम प्रस्तावित नहीं किए जा रहे हैं। इंजीनियरों का आरोप है कि विभाग में छोटे कार्य उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर अधिकारियों द्वारा लगातार टालमटोल की जा रही है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के चारों विभागों में 10 लाख रुपये तक के खुले टेंडर निकालकर ऑफलाइन पद्धति से काम दिए जाते हैं। यही काम शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए दिए जाने चाहिए, ऐसी उनकी मांग है।

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