महागांव दिव्यांग आवासीय विद्यालय (सोर्सः सोशल मीडिया)
यवतमाल

रिकॉर्ड में दर्ज 50 छात्र-आवासीय विद्यालय में एक भी नहीं! महागांव में अनुमान समिति ने किया चौकाने वाला खुलासा

Yavatmal Residential School: यवतमाल के महागांव दिव्यांग आवासीय विद्यालय का विधानमंडल की अनुमान समिति ने औचक निरीक्षण किया। रिकॉर्ड में 50 विद्यार्थी दर्ज मिले, लेकिन मौके पर एक भी उपस्थित नहीं था।

आंचल लोखंडे

Mahagaon Divyang Residential School: यवतमाल जिले के महागांव शहर के बाहर स्थित स्व. सदाशिवराव इंगले दिव्यांग, मूक-बधिर एवं मतिमंद आवासीय विद्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर महाराष्ट्र विधानमंडल की अनुमान समिति ने शुक्रवार, 11 सितंबर को अचानक निरीक्षण किया। विद्यालय में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति, अपर्याप्त सुविधाएं, कम संख्या में बेड, भोजन व्यवस्था में असुविधा तथा प्रशासनिक कामकाज में खामियां सामने आने पर समिति के सदस्य नाराज दिखाई दिए।

निरीक्षण के बाद विद्यालय का संचालन समाधानकारक नहीं होने की बात सामने आई और इसे बंद करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। 15 अगस्त के बाद एक मीडिया प्रतिनिधि दल ने भी इस आवासीय विद्यालय का अचानक दौरा किया था। उस समय विद्यालय के रिकॉर्ड में 50 विद्यार्थियों के नाम दर्ज होने के बावजूद केवल दो विद्यार्थी उपस्थित मिले थे। विद्यालय में भौतिक सुविधाओं की भारी कमी को लेकर खबरें प्रकाशित होने के बाद यह मामला चर्चा में आया था।

महागांव दिव्यांग आवासीय विद्यालय में मिलीं अनियमितताएं

इसी पृष्ठभूमि में विधानमंडल की अनुमान समिति का दौरा शुक्रवार को महागांव पहुंचा। समिति में विधायक सदाभाऊ खोत, विधायक मंदा म्हात्रे, विधायक मनीषा चौधरी और विधायक सतीश चव्हाण शामिल थे। समिति ने विद्यालय की प्रत्येक कक्षा और कमरे का निरीक्षण किया। साथ ही उपलब्ध सुविधाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति तथा प्रबंधन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि विद्यालय के रिकॉर्ड में 50 विद्यार्थी दर्ज होने के बावजूद समिति की मौजूदगी में एक भी विद्यार्थी विद्यालय में उपस्थित नहीं था। इसके अलावा 50 विद्यार्थियों की क्षमता वाले आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए केवल 13 बेड उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई। सभी शिक्षक भी उपस्थित नहीं पाए गए।

विधानमंडल की अनुमान समिति ने जताई नाराजगी

समिति ने करीब 15 मिनट से अधिक समय तक विद्यालय की गहन जांच की। विद्यार्थियों के नाम पर संचालित आवासीय व्यवस्था में वास्तविक विद्यार्थियों का ही उपस्थित नहीं होना समिति के लिए गंभीर विषय रहा। दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और मौके पर मिली स्थिति में अंतर पाए जाने से समिति के सदस्यों ने प्रबंधन के कामकाज पर तीखी नाराजगी व्यक्त की। समिति के दौरे को लेकर राजस्व, पंचायत, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। पुलिस का भी बंदोबस्त था। हालांकि समिति के अचानक आवासीय विद्यालय पहुंचने और वहां की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने से संबंधित विभागों में खलबली मच गई।

समाज कल्याण अधिकारी को लिया आड़े हाथ

तहसील कार्यालय में विभिन्न शासकीय विभागों के कामकाज की समीक्षा करने के बाद समिति अचानक आवासीय विद्यालय की ओर रवाना हुई। विद्यालय की वास्तविक स्थिति और दस्तावेजों में दर्ज जानकारी में अंतर देखकर समिति ने प्रबंधन से कड़ी पूछताछ की। स्थानीय गटविकास अधिकारी तथा समाज कल्याण विभाग की अधिकारी मंगला मून से भी समिति के सदस्यों ने विभिन्न सवाल किए, विद्यालय के दस्तावेजों, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताई।

स्व. सदाशिव इंगले दिव्यांग, मतिमंद आवासीय विद्यालय का संबंध भाजपा के पूर्व विधायक उत्तमराव इंगले से बताया जाता है। अनुमान समिति के महागांव दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। समिति के दौरे की शुरुआत में सदस्यों ने महागांव तहसील कार्यालय का दौरा किया। उपविभागीय अधिकारी सखाराम मुले, प्रशिक्षु उपविभागीय अधिकारी ओंकार एकाले तथा तहसीलदार अभय मस्के ने समिति का स्वागत किया।

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