

Nagbhid Farmers Tractor March: धान बोनस के मुद्दे पर नागभीड तहसील के किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है। सरकार के शीतकालीन सत्र में दिए गए आश्वासन के बावजूद बोनस की राशि अब तक नहीं मिलने से नाराज किसानों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। 17 सितंबर को सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ नागभीड तहसील कार्यालय पर विराट मोर्चा निकालने का निर्णय लिया गया है। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि हक की राशि मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मोर्चे की तैयारियों को लेकर 5 सितंबर को तलोधी (बा.) स्थित साई मंदिर देवस्थान परिसर में तहसील के किसानों की बैठक हुई। इसमें सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का प्रस्ताव पारित किया गया। खेती के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी और ‘किसान एकता जिंदाबाद’ के नारों से बैठक में किसानों का आक्रोश साफ नजर आया।
नागभीड तहसील जिले के प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। हजारों किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति धान की फसल पर निर्भर है। इस वर्ष बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी महंगी होने से खेती की लागत बढ़ गई है। ऐसे में सरकार ने किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपए बोनस देने का वादा किया था।
किसानों का आरोप है कि कर्जमाफी समेत अन्य कारणों का हवाला देकर बोनस देने में टालमटोल की जा रही है।बैठक में तुकाराम निकुरे, आतिष भाकरे, अमोल भाकरे, दिवाकर निकुरे, विनोद बोरकर, डी. के. बोरकर, हेमंत लाजेवार, खोजराम मरस्कोल्हे, रमेश बोरकर, रुपचंद झोडे और व्यंका भाकरे सहित अन्य किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
किसान नेताओं के अनुसार, 17 सितंबर को सुबह 10 बजे तलोधी (बा.) के साई मंदिर परिसर से सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ मोर्चा नागभीड तहसील कार्यालय के लिए रवाना होगा। किसानों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आंदोलन में शामिल होने और सरकार को अपनी एकजुटता दिखाने का आह्वान किया है।