Yavatmal Leprosy Eradication Health Department: यवतमाल जिले में 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक कुष्ठरोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 100 प्रतिशत आबादी और शहरी क्षेत्रों के चयनित जोखिमग्रस्त इलाकों में घर-घर जाकर जांच की जाएगी।
संदिग्ध मरीजों की चिकित्सा अधिकारियों से जांच कराकर पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
यवतमाल जिले में कुष्ठरोग के उन्मूलन के उद्देश्य से 28 सितंबर से 14 अक्टूबर तक विशेष कुष्ठरोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर नागरिकों की जांच करेंगी। जिलाधिकारी विकास मीना ने नागरिकों से अभियान में सहयोग करने और परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराने की अपील की है।
कुष्ठरोगी खोज अभियान के संबंध में जिला समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी विकास मीना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल खत्री सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अभियान के नियोजन, प्रभावी कार्यान्वयन और जनजागृति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की 100 प्रतिशत आबादी को जांच के दायरे में लाया जाएगा। वहीं शहरी क्षेत्रों के चयनित जोखिमग्रस्त इलाकों में भी घर-घर जाकर नागरिकों की जांच की जाएगी।
घर-घर जांच के लिए आशा स्वयंसेविकाओं तथा पुरुष स्वयंसेवकों के दल गठित किए जाएंगे। ये दल निर्धारित अवधि में नागरिकों की जांच करेंगे और कुष्ठरोग से संबंधित संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर आगे की जांच के लिए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी देंगे।
अभियान के दौरान संदिग्ध कुष्ठरोगियों की चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जाएगी। जांच में कुष्ठरोग की पुष्टि होने पर मरीज का तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी विकास मीना ने कहा कि वर्ष 2027 तक जिले में कुष्ठरोग के प्रसार को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राज्य स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अभियान की नियमित और गुणवत्तापूर्ण निगरानी के साथ विभिन्न माध्यमों से व्यापक जनजागृति करने पर भी जोर दिया।
जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि अभियान की निर्धारित अवधि के दौरान उनके घर पहुंचने वाले जांच दल को सहयोग करें और परिवार के सभी सदस्यों की जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि कुष्ठरोग के उन्मूलन के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
बैठक में सहायक संचालक (कुष्ठरोग) डॉ. सुरेश आसोले ने राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए किए गए नियोजन की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुखदेव राठोड, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुभाष ढोले, उपशिक्षणाधिकारी प्रदीप गोडे, प्रा. सुहास वाघमारे, महात्मा ज्योतिबा फुले कॉलेज ऑफ सोशल वर्क के प्राचार्य सचिन महल्ले, सहायक आयुक्त समाज कल्याण कार्यालय की डॉ. प्रीति दुधे, जिला कार्यक्रम व्यवस्थापक बोपचे और जिला आशा समन्वयक खंदारे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।