Yavatmal Rural Water Supply: ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को नल के माध्यम से पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत यवतमाल जिले में 15 अगस्त 2019 से मिशन मोड पर जलापूर्ति योजनाओं के काम शुरू किए गए थे। कई वर्ष बीतने के बावजूद जिले में योजना का अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहा है। बड़ी संख्या में नल कनेक्शन दिए जाने के बाद भी कई गांवों में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की जा रही इस योजना की कार्यक्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। 'हर घर जल' जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य है।
इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक नल कनेक्शन देने और प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, वर्ष 2026 तक भी निर्धारित लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो सका है। इसी कारण जल जीवन मिशन 2.0 की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाई गई है।
केंद्र सरकार से संबंधित वर्ष 2025 की संसदीय जानकारी के अनुसार, यवतमाल जिले में कुल 5 लाख 22 हजार 884 ग्रामीण परिवारों में से 4 लाख 13 हजार 707 परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था। यानी सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 79.12 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है। लेकिन केवल नल कनेक्शन देना ही योजना की सफलता का पैमाना नहीं हो सकता। जिन घरों में कनेक्शन दिए गए हैं, वहां नियमित और पर्याप्त पानी पहुंच रहा है या नहीं, यह बड़ा सवाल है। जिले के अनेक गांवों में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन पाइपलाइन, जलस्रोत, टंकी, बिजली कनेक्शन, पंपिंग और वितरण व्यवस्था जैसे काम अधूरे हैं
जिला जलापूर्ति विभाग के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत जिले में विभिन्न काम चरणबद्ध तरीके से जारी हैं। लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। कुछ योजनाओं में तकनीकी मंजूरी, निधि वितरण, विद्युत कनेक्शन, जलस्रोत तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण देरी हुई है। जिला परिषद के जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता नीलेश कालबांडे ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास और लगातार फॉलोअप किया जा रहा है।