

Tamil Nadu Milk Price Hike: तमिलनाडु के डेयरी किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने दूध उत्पादकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी का ऐतिहासिक फैसला लिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दो दिन के अवकाश के बाद विधानसभा की बैठक दोबारा शुरू होने पर नियम 110 के तहत दूध की खरीद कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। सरकार के इस कदम से राज्यभर के लाखों डेयरी किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस नई घोषणा के बाद अब सहकारी नेटवर्क के जरिए दूध की सप्लाई करने वाले किसानों को प्रति लीटर दूध के लिए 44 रुपए मिलेंगे, जो पहले 41 रुपए प्रति लीटर था। मुख्यमंत्री विजय ने बताया कि यह नई और बढ़ी हुई दरें सीधे तौर पर सहकारी सोसायटियों के जरिए खरीदे जाने वाले दूध पर लागू होंगी। हालांकि, यह बदली हुई दरें किस तारीख से लागू की जाएंगी और इससे सरकारी खजाने पर कितना अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, इसकी विस्तृत जानकारी राज्य सरकार द्वारा अलग से साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इस फैसले के पीछे की मुख्य वजहों को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य के डेयरी किसानों ने सरकार से बार-बार दूध की खरीद दरों में बदलाव करने की गुहार लगाई थी। किसानों का तर्क था कि हाल के दिनों में मवेशियों के चारे, पशु चिकित्सा, दवाओं, मजदूरी और परिवहन जैसी जरूरी चीजों की लागत में भारी इजाफा हुआ है। चारे और अन्य खर्चों की तुलना में डेयरी किसानों की कमाई नहीं बढ़ पा रही थी, जिससे मवेशियों को पालना और उनका खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो गया था। किसानों की इसी जायज मांग और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने 3 रुपए प्रति लीटर की यह अतिरिक्त बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया।
इस फैसले का सबसे बड़ा सकारात्मक असर राज्य के ग्रामीण इलाकों और डेयरी सेक्टर पर पड़ेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़े हुए मूल्य का सीधा फायदा राज्यभर की सहकारी दूध उत्पादक समितियों से जुड़े लगभग 3.15 लाख रजिस्टर्ड डेयरी किसानों को मिलेगा। विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीतिगत फैसले का मुख्य उद्देश्य डेयरी किसानों की आय को बढ़ाना और उन्हें बढ़ती लागत से निपटने में मदद प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, सरकार का यह भी मानना है कि दूध के उत्पादन को लगातार बनाए रखने और डेयरी उद्योग पर निर्भर रहने वाले लाखों परिवारों की आजीविका की रक्षा करने के लिए खरीद मूल्य में यह सुधार बेहद आवश्यक था।
तमिलनाडु राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान अपनी दैनिक आजीविका और खेती के खर्चों के लिए दूध की बिक्री से होने वाली रोज़ाना की आय पर ही पूरी तरह निर्भर हैं। दूध की दरों में इस ताजा बढ़ोतरी से इन परिवारों को तुरंत आर्थिक संबल और राहत मिलेगी। इसके अलावा, इस आर्थिक प्रोत्साहन से किसानों को अपने दुधारू पशुओं को पालना जारी रखने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे राज्य के सहकारी डेयरी सेक्टर में दूध की निर्बाध और निरंतर सप्लाई भी सुनिश्चित हो सकेगी।