नो-नेटवर्क क्षेत्रों में नल कनेक्शन के लिए पहले भरना होगा संपत्ति कर, आमसभा में महापौर राजूरकर का निर्देश

Chhatrapati Sambhajinagar Water Connection: छत्रपति संभाजीनगर के नो-नेटवर्क क्षेत्रों में नया नल कनेक्शन लेने के लिए 2026-27 का संपत्ति कर भरना अनिवार्य होगा।
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छत्रपति संभाजीनगर नल कनेक्शन (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर शहर के नो-नेटवर्क क्षेत्रों में नए नल कनेक्शन देने के लिए अब संबंधित संपत्तिधारक को चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्ति कर भरना अनिवार्य होगा। संपत्ति कर की रसीद और आधार कार्ड की जांच के बाद ही पात्र संपत्तिधारक को नल कनेक्शन दिया जाएगा। महापौर समीर राजूरकर ने महानगरपालिका की आमसभा में प्रशासन को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए।

शहर में पानी की समस्या को लेकर आमसभा में नगरसेवकों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। नई जलापूर्ति योजना के संबंध में मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण इस विषय पर विस्तृत चर्चा नहीं की जा सकी। हालांकि, योजना के तहत नो-नेटवर्क क्षेत्रों में जलापूर्ति उपलब्ध कराने के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा की गई।

अवैध कनेक्शनों का जुर्माने के साथ होगा नियमितीकरण

सातारा-देवलाई, मिटमिटा-पडेगांव, नारेगांव-मिसारवाड़ी, मसनतपुर, हर्सूल-जटवाड़ा तथा चिकलथाना-सुंदरवाड़ी के कई क्षेत्र नो-नेटवर्क में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से नए नल कनेक्शन देने की मुहिम महानगरपालिका द्वारा शुरू की गई है। इसके लिए आवेदन तैयार कर संपत्तिधारकों से आवश्यक दस्तावेज लिए जा रहे हैं।

नल कनेक्शन के आवेदन के साथ संपत्ति कर की रसीद, आधार कार्ड, दो फोटो और बिजली बिल की छायाप्रति जमा करना आवश्यक होगा। इसमें चालू वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर जमा होना सबसे महत्वपूर्ण है। दस्तावेजों की जांच और कर भुगतान की पुष्टि के बाद ही पात्र संपत्तिधारकों को नल कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।

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अवैध कनेक्शन भी होंगे नियमित

शहर की विभिन्न बस्तियों में पहले से लगे अवैध नल कनेक्शनों की पहचान कर जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें नियमित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नियमितीकरण के दौरान चालू वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर जमा होने की जांच की जाएगी। भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा अवैध नल कनेक्शन लिया हुआ पाए जाने पर उसके खिलाफ सीधे मामला दर्ज करने के निर्देश महापौर समीर राजूरकर ने प्रशासन को दिए हैं।

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