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यवतमाल जिले के रावेरी गांव की शुभांगी राजू चुड्डके के परिवार को शासन की ओर से संपूर्ण कर्जमाफी की राहत मिली है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने परिवार की आर्थिक स्थिति से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अवगत कराया, जिसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाई की जानकारी सामने आई।
सोसायटी पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्जमाफी की प्रक्रिया में सहयोग किया।
Yavatmal Farmer Loan Waiver: यवतमाल जिले के रावेरी गांव के किसान भांब आत्महत्याग्रस्त परिवार को शासन की ओर से बड़ी राहत मिली है। शुभांगी राजू चुड्डके के परिवार का संपूर्ण कर्ज माफ कर दिया गया है। सोसायटी के अध्यक्ष दुर्गेश शिवणकर और सामाजिक कार्यकर्ता योगेश कुटे ने इस मामले में लगातार प्रयास किए। किसान आत्महत्या की घटना के बाद परिवार पर आए आर्थिक संकट को देखते हुए उन्होंने कर्जमाफी के लिए संबंधित स्तरों पर लगातार पैरवी की। इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचाई गई।
यहीं नहीं तो मंत्री अशोक उईके और सांसद संजय देशमुख ने भी मुख्यमंत्री को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन स्तर पर त्वरित कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। शुभांगी राजू चुड्डके के परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल चव्हाण, उपाध्यक्ष अनिल राजूरकर, डॉ. कुणाल भोयर, ग्राम पंचायत सदस्य पपीता खुडसंगे और योगिता खडसकर ने भी इस मामले में सहयोग किया।
इसके अलावा सोसायटी सदस्य सतीश कोरडे, राजू शिवणकर, रामदास राऊत और युवा प्रतिष्ठान भांब के पदाधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सहयोग किया। तहसीलदार अमित भोईटे, नायब तहसीलदार भगत, मंडल अधिकारी देशपांडे, पटवारी तेजस्विनी ढुमणे, पुलिस पाटिल प्रफुल कोरडे और सचिव बालू भाऊ गोहणे ने प्रक्रिया में सहयोग किया।
शासन की ओर से मिली राहत के लिए शुभांगी चुड्डके ने संबंधित पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। हालांकि, परिवार को स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभी भी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है।
शुभांगी चुड्डके ने अपने परिवार के भरण-पोषण और खेती के माध्यम से दोबारा खड़े होने के लिए कुआं और बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कर्जमाफी से आर्थिक संकट का एक बड़ा बोझ कम हुआ है, लेकिन खेती को फिर से शुरू करने और परिवार की आजीविका मजबूत करने के लिए सिंचाई तथा बिजली जैसी सुविधाएं भी जरूरी हैं। उन्होंने प्रशासन से इन मांगों पर भी तत्परता से विचार कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई है।