Yavatmal Farmer ID: केंद्र सरकार की 'एग्रीस्टैक' मुहिम के तहत राज्य के सभी किसानों का डिजिटल पंजीकरण किया जा रहा है। जिले में वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कुल 2 लाख 95 हजार 183 लाभार्थी हैं, जिनमें से 2 लाख 62 हजार 11 किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध है। वहीं अब भी 33 हजार 172 किसानों के फार्मर आईडी लंबित हैं। 15 अप्रैल 2025 से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दिया गया है।
फार्मर आईडी बनने के बाद पीएम-किसान पोर्टल पर ई-केवाईसी और लैंड सीडिंग प्रक्रिया स्वतः अपडेट हो जाती है। इससे लाभार्थियों की जानकारी सटीक रहती है और योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से मिलता है। साथ ही किसानों की पहचान, जमीन और फसल की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से सेवाएं तेज और पारदर्शी तरीके से मिलती हैं।
केंद्र सरकार ने इसके लिए 20 मई 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की है और जिला स्तर पर इस अभियान की रोजाना निगरानी की जा रही है। जिले के जिन किसानों के फार्मर आईडी अभी तक नहीं बने हैं, वे सहायक कृषि अधिकारी, उप कृषि अधिकारी या संबंधित कृषि कार्यालय से संपर्क कर तुरंत आईडी बनवाएं। इसके लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और 7/12 उतारा लेकर सेतु केंद्र पर पंजीकरण कराना आवश्यक है।
यवतमाल जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने कहा कि ८८ प्रधानमंत्री किरसन सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिन लाभार्थियों ने अब तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उनके लिए 20 मई से पहले यह प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। यदि किसान फार्मर आईडी नहीं बनवाते है, तो भविष्य में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
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