Yavatmal Fake Soybean Seeds: नकली सोयाबीन बीज के कारण बुआई के बाद भी अंकुरण नहीं होने से आर्णी तहसील के लोणी गांव के एक किसान ने गुस्से में अपने साढ़े छह एकड़ खेत में रोटावेटर चलाकर खड़ी फसल को नष्ट कर दिया। किसान ज्ञानेश्वर गोटफोडे ने आरोप लगाया कि घटिया बीज के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बुआई, जुताई, खाद और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च किए गए हजारों रुपये व्यर्थ चले गए। खरीफ मौसम की शुरुआत से ही किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पहले बारिश की अनिश्चितता के कारण बुआई में देरी हुई। इसके बाद बारिश शुरू होने पर किसानों ने जल्दबाजी में सोयाबीन की बुआई पूरी की, लेकिन कई स्थानों पर बीज खराब निकलने से अंकुरण नहीं हुआ।
लोणी निवासी किसान ज्ञानेश्वर गोटफोडे ने जून महीने के आखिर में साढ़े छह एकड़ क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई की थी। उन्होंने खेत की तैयारी, बीज खरीद और बुवाई पर हजारों रुपए खर्च किए थे। उन्हें उम्मीद थी कि अच्छी फसल से आर्थिक नुकसान की भरपाई हो जाएगी। लेकिन बुआई के बाद खेत में सोयाबीन के पौधे दिखाई नहीं दिए। इसके स्थान पर केवल खरपतवार उग आए।
पीड़ित किसान ने संबंधित बीज कंपनी से शिकायत की। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने खेत का निरीक्षण किया, लेकिन केवल जांच से समस्या का समाधान नहीं होने की नाराजगी किसान ने व्यक्त की। फसल पूरी तरह खराब होने के बाद उन्होंने खेत में रोटावेटर चलाकर बची हुई फसल को भी नष्ट कर दिया।
गोटफोडे ने सोचा था कि खेत में लहलहाती सोयाबीन की फसल होगी और इस साल आर्थिक स्थिति सुधरेगी। लेकिन खराब बीज के कारण खेत में फसल की जगह खरपतवार फैल गया। कुछ दिन पहले जिस खेत में हरियाली की उम्मीद थी, वहां अब दोबारा मिट्टी पलटने की नौबत आ गई है।
किसानों ने मांग की है कि संबंधित बीज की गुणवत्ता, अंकुरण क्षमता और बिक्री प्रक्रिया की गहन जांच की जाए। यदि बीज खराब पाया जाता है तो कंपनी और दोषियों पर कार्रवाई कर प्रभावित किसानों को तत्काल नुकसान भरपाई दी जाए। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के साथ अब खराब बीज की मार भी झेलनी पड़ रही है।